सेवरही कुशीनगर । श्रम विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा आज जनपद के सेवरही बाजार में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 यथा संशोधित 2016 के अंतर्गत विभिन्न होटलों, ढाबों एवं मोबाइल आटा वर्कशॉप आदि के कुल 12 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 15 किशोर श्रमिकों का चिन्हांकन किया गया।
संयुक्त टीम द्वारा कार्य लेने वाले सेवायोजकों/प्रतिष्ठान स्वामियों को अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत निरीक्षण टिप्पणी निर्गत करते हुए विधिक कार्यवाही की गई। साथ ही सेवायोजकों को अवगत कराया गया कि बाल श्रम कराना अपराध है तथा प्रत्येक बच्चे का शिक्षा एवं सुरक्षित बचपन का अधिकार है।
अभियान के दौरान बताया गया कि बाल श्रम कराते पकड़े जाने पर 06 माह से 02 वर्ष तक की सजा तथा ₹20,000 से ₹50,000 तक के जुर्माने का प्रावधान है।
इस अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकारिता उपाध्याय, प्रभारी निरीक्षक ए0एच0 टण्डन, आरक्षी सुशील, मुकेश, शालिनी एवं अभिषेक कुमार श्रीवास्तव तथा कनिष्ठ सहायक सहित अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।
श्रम विभाग द्वारा बाल श्रम के विरुद्ध अभियान को आगे भी निरंतर जारी रखते हुए बाल श्रमिकों के चिन्हांकन एवं पुनर्वास की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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