खड्डा/कुशीनगर। खड्डा इलाके में पिछले हफ्ते से आतंक का पर्याय बने तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। रेस्क्यू आपरेशन में डीएफओ की अगुवाई में जुटी वन विभाग की टीम लाचार साबित हो रही है। अभी भी दर्जनों गांवो के लोग दहशत व भय के साये में जीवन यापन कर रहे हैं
खड्डा इलाके में बीते शुक्रवार को सात लोगों को घायल करने वाला तेंदुआ, धीरे- धीरे हिंसक होता जा रहा है। गुरुवार को डीएफओ कुशीनगर अविनाश कुमार की अगुवाई में रेस्क्यू टीम में शामिल वन क्षेत्राधिकारी वीके यादव व तमकुही के फारेस्ट गार्ड शत्रुघ्न ठाकुर को झाड़ी में छिपे तेंदुए ने आक्रमण कर घायल कर दिया जिनका उपचार जिला चिकित्सालय में चल रहा है।अब तक दर्जन भर से उपर लोगों को अपने खूनी पंजे से घायल करने वाला तेंदुआ का भय क्षेत्र के दर्जनों गांवो में ब्याप्त है। संसाधनों का दंश झेल रहा वन विभाग पूरे मामले में लाचार व असहाय बना हुआ है। लोगों की माने तो खेती बाड़ी के सीजन में गेहूँ की कटाई, फसलों की सिंचाई सहित गन्ने के खेतों में निराई गुड़ाई सहित खेती के सभी कार्य प्रभावित हो गया है लेकिन वन विभाग के जिम्मेदार मूकदर्शक बनकर किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं। क्षेत्र के लखुआ लखुई, बहोर छपरा, नवल छपरा, विशुनपुरा, छितौनी जंगल, छपिया, भेड़ी जंगल, नवलछपरा, एकडंगी, चतुरछपरा, नरकूछपरा, जीयनपुर, सहित कई गावों के लोग तेंदुए के आतंक से खेतो की ओर जाने से परहेज करते हुए रात में जागरण कर रहे हैं। क्षेत्र के रविआलम, जुनैद अहमद, रामप्रकाश गुप्ता, महताब आलम, मुहर्रम, निशित मिश्रा, बृजभूषण कुशवाहा, सन्तोष दूबे, राजेश, बिहारी, पुनित सिंह, सुबोध कुशवाहा, समीर पहलवान, सुरेन्द्र साहनी आदि ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़कर इससे निजात दिलाने की मांग की है।
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