कुशीनगर । जिले के पुलिस अधीक्षक सचिन्द्र पटेल की कार्यभार सम्भाले अभी एक सप्ताह भी नही हुआ, कि आराम तलब,लापरवाह कर्मियों में हड़कम्प मच चुका है। इस अल्प समय मे सभी मातहत पटरी पर दौड़ने लगे है। नजर यहाँ तक आने लगा है कि जो थानेदार अपने आवास में बैठ कर थानेदारी करते थे,फरियादियों की पीड़ा सुनाने के लिये इंतजार करना पड़ता था,वही अब गस्त करते सड़को पर नजर आ रहे है। वही अपने आवास से बाहर आकर फरियादियों से रूबरू होकर समस्याओं का निस्तारण में जुटे है।

2012 बैंच के ये अधिकारी सरकार की मंशा पर खरा उतरते हुये,अपने सूबे के मुखिया के निर्देशों पर एटीएस में सेवा योगदान देकर एक से बढ़कर एक सराहनीय कार्य किये है। यहाँ बताना लाजमी होगा की कुशीनगर में पुलिस अधीक्षक के कार्यभार ग्रहण करते हुये इन्होंने अपने मातहतों के बीच यह संकेत दे दिया था की अब मातहतों को और सक्रिय होने की आवश्यकता है। स्पष्ट शब्दों में यह उनका संकेत है कि ईमानदारी, अनुशाशन उन्हें सबसे ज्यादे प्रिय व पसन्द है।

कल के भरोसे काम छोड़ने वाले सभी पुलिसकर्मियों को समय से अपना काम निपटाने का भी निर्देश दिया गया है। वही जिला मुख्यालय आने वाले फरियादियों की समस्या सुन कर त्वरित निस्तारण कराया जा रहा है। तो वही महिलाओं के सुरक्षा, बदसूलकी पर सख़्त है, किसी भी दिशा में नारी की सम्मान किया जाय, वही उनकी समस्या सुन कर त्वरित निस्तारण के लिये क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्षों, को निर्देशित भी कर चुके है। जानकारों की बातों पर अगर विश्वास करें तो एसपी की इस रुख को देखकर जिले के पुलिसकर्मियों में हड़कम्प मच गई है। जिसका परिणम सामने दिखाई देने लगा है। जनपद पुलिस हमेशा सड़को पर गस्त करते देखी जा रही है।