राज्य सरकार ने किसानों से गेहूं खरीद के लिए ऑनलाइन टोकन देने की व्यवस्था की है। किसान अपनी सुविधानुसार तारीख और समय का टोकन प्राप्त कर रहे हैं। ऐसा करने वाला उतर प्रदेश देश का पहला प्रदेश बना है।
खाद व रसद आयुक्त मनीष चौहान के अनुसार प्रदेश सरकार ने 52 फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीसी) के माध्यम से गेहूं खरीदने के लिए किसानों के खेतों तक सीधी पहुंच बनाई है। इससे किसानों को मंडियों में नहीं जाना पड़ रहा है।
ऐसी व्यवस्था राज्य में पहली बार की गई है। भारत सरकार के पोर्टल पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से किसानों से प्रतिदिन 6 से 7 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है।
इस पोर्टल के माध्यम से पूरी जांच-पड़ताल के बाद वास्तविक किसानों के खाते में पैसा पहुंच रहा है। इसके जरिए प्रदेश सरकार अब तक 4 लाख 18 हजार 155 किसानों से घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद चुकी है।
अब तक किसानों को 3594 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। एफपीसी की वजह से किसानों को मंडियों में नहीं जाना पड़ रहा और खेत से ही उनकी उपज बिक जा रही है।
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