बाबरी विध्वंस केस में सीबीआई कोर्ट के स्पेशल जज एसके यादव ने अपना फैसला पढ़ना शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि बाबरी ढांचा ध्वंस की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी. घटना अकस्मात हुई, पूर्व नियोजित नहीं थी. अशोक सिंघल के खिलाफ साक्ष्य नहीं है. सीबीआई कोर्ट ने सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया है.
2300 पन्नों के जजमेंट में सीबीआई कोर्ट ने माना कि यह घटना अचानक हुई थी. कोई पूर्व सुनियोजित साजिश नहीं थी. कोर्ट ने कहा कि फोटो से किसी को आरोपी नहीं बनाया जा सकता है. फोटो, वीडियो, फोटोकॉपी को जिस तरह से साबित किया गया वह साक्ष्य में ग्राह्य नहीं है.
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