कुशीनगर/गोरखपुर। करीब 15 लाख रुपये के भुगतान की फाइल आगे बढ़ाने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगना शिक्षा विभाग के कर्मचारी को भारी पड़ गया। भ्रष्टाचार निवारण संगठन गोरखपुर की ट्रैप टीम ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपये रिश्वत लेते शहनवाज आलम को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
मामला गोरखपुर स्थित शिक्षा निदेशक, सप्तम खंड कार्यालय से जुड़ा है। एमआईजी-22 गौतम विहार कॉलोनी, तारामंडल, थाना रामगढ़ताल, गोरखपुर निवासी दिव्यांशु पाण्डेय पुत्र स्व. लखराज बहादुर पाण्डेय ने 14 अगस्त 2026 को प्रभारी निरीक्षक, भ्रष्टाचार निवारण संगठन गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया था।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनकी माता श्रीमती सरोज दूबे राजकीय कन्या इंटर कॉलेज हाटा, कुशीनगर में प्रवक्ता एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थीं और 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त हुई थीं। सेवानिवृत्ति के बाद उनका जीपीएफ, पेंशन आदि का भुगतान हो चुका था, लेकिन 300 दिनों के उपार्जित अवकाश के नकदीकरण की करीब 15 लाख रुपये की धनराशि अभी बकाया थी।
बताया गया कि उक्त भुगतान संयुक्त शिक्षा निदेशक, गोरखपुर कार्यालय से होना था। इसकी पत्रावली कार्यालय में तैनात पटल सहायक शहनवाज आलम के पास लंबित थी। शिकायत के मुताबिक, शहनवाज आलम ने भुगतान कराने के एवज में शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
पहले गोपनीय जांच, फिर बिछाया गया जाल
शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन गोरखपुर की टीम ने मामले की गोपनीय जांच कराई। जांच में रिश्वत मांगने की शिकायत सही पाए जाने के बाद टीम ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई।
इसी क्रम में 19 अगस्त 2026 को दोपहर 1:19 बजे भ्रष्टाचार निवारण संगठन गोरखपुर की ट्रैप टीम ने कार्यालय शिक्षा निदेशक, सप्तम खंड गोरखपुर में कार्रवाई की। टीम ने शिकायतकर्ता की माताजी के उपार्जित अवकाश के नकदीकरण के भुगतान के एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत लेते शहनवाज आलम को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शहनवाज आलम पुत्र स्व. गुलाम महीउद्दीन अंसारी, निवासी ग्राम बेलवा खुर्द, बेलवा कारखाना, थाना चौरा खास, जनपद कुशीनगर के रूप में हुई है। वर्तमान में वह ज्येष्ठ लेखा परीक्षक, शिक्षा निदेशक, सप्तम खंड गोरखपुर के पद पर कार्यरत बताया गया है।
रिश्वत लेते ही पहुंची टीम, कार्यालय में मचा हड़कंप
एंटी करप्शन टीम की अचानक हुई कार्रवाई से कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। टीम ने आरोपी को हिरासत में लेने के बाद आवश्यक विधिक प्रक्रिया शुरू की। मामले में थाना कैंट, जनपद गोरखपुर में अभियोग पंजीकरण एवं अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
करीब 15 लाख रुपये के भुगतान की फाइल के बदले महज 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप अब शिक्षा विभाग के कर्मचारी को सलाखों तक पहुंचाने का कारण बन गया है।
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