कुशीनगर। उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘Cy-Vazra’ के तहत कुशीनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर क्राइम सेल ने फर्जी बैंक खातों के जरिए देशभर में करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी कर रकम निकालने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपितों के नेटवर्क से जुड़े खातों पर 122 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें अब तक 34 करोड़ 75 लाख 2 हजार 758 रुपये की साइबर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है।
गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से एक मारुति वैगनआर कार, दो लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, छह एटीएम कार्ड, 11 सिम कार्ड, 12 आधार कार्ड, तीन पैन कार्ड, छह पासबुक, चार चेकबुक, तीन मोहरें और 1,00,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
बताते चले कि साइबर क्राइम सेल कुशीनगर ने एनसीआरपी और समन्वय पोर्टल पर संदिग्ध बैंक खातों की जांच के दौरान इस गिरोह का पर्दाफाश किया। दोनों आरोपितों को 22/23 जुलाई की मध्यरात्रि गिरफ्तार कर साइबर क्राइम थाना में गंभीर धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेजने की कार्रवाई की गई।
भोले-भाले लोगों के खाते बनवाकर करते थे करोड़ों की ठगी
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी ग्रामीण और कम पढ़े-लिखे लोगों को ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों से अपने फर्जी मोबाइल नंबर और सिम कार्ड लिंक कराकर एटीएम, पासबुक और चेकबुक अपने कब्जे में ले लेते थे।
इसके बाद देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी से हासिल रकम इन्हीं खातों में ट्रांसफर कर एटीएम और चेकबुक के माध्यम से तुरंत निकाल ली जाती थी। जब कोई खाता शिकायत के बाद फ्रीज हो जाता तो गिरोह नए लोगों को फंसाकर नए खाते तैयार कर लेता और ठगी का सिलसिला जारी रखता।
दो दर्जन से अधिक ‘म्यूल अकाउंट’ का इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने कुशीनगर और आसपास के क्षेत्रों में दो दर्जन से अधिक म्यूल अकाउंट तैयार कर उनका इस्तेमाल किया। इन खातों के जरिए देशभर में साइबर अपराधों को अंजाम दिया गया। अन्य राज्यों से भी इनके आपराधिक नेटवर्क का डाटा जुटाया जा रहा है।
महाराष्ट्र में भी दर्ज है मुकदमा
जांच में यह भी पता चला कि दोनों आरोपितों के खिलाफ थाणे (महाराष्ट्र) के कोपरखैराने थाना में भी साइबर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। वहीं एक आरोपी सुरेश कुशवाहा के खिलाफ वर्ष 2023 में रामकोला थाने में कॉपीराइट एक्ट एवं जालसाजी की धाराओं में भी केस दर्ज हो चुका है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अरविंद कुमार पाण्डेय, निवासी बरवाँस्थान, थाना रामकोला, कुशीनगर।सुरेश कुशवाहा, निवासी चंदरपुर बरवाँ, थाना रामकोला, कुशीनगर के रूप में हुआ हैं।
यहां बताना चाहूंगा कि इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार (साइबर थाना), प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार पंत, उपनिरीक्षक सुनील कुमार सिंह, उपनिरीक्षक आकाश वर्मा, हेड कांस्टेबल विजय कुमार चौधरी तथा कांस्टेबल अखिलेश कुमार गुप्ता, प्रशांत मिश्रा, अमित गुप्ता और नीरज कुमार की टीम शामिल रही।
पुलिस की अपील !
कुशीनगर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या बैंकिंग संबंधी दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति को न दें। ऐसे कार्यों में शामिल होना भी कानूनन अपराध है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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