कसया/कुशीनगर। तहसील क्षेत्र के कुड़वा दिलीपनगर टोला धन्नीपट्टी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को कथा मर्मज्ञ प्रेमशरण महाराज ने भीष्म पितामह के प्रसंग की व्याख्या करते हुए बताया कि हमेशा धर्म निहित होकर ही अपने सारे काम सम्पन्न करना चाहिए । जिस त्रेता युग में पक्षी जटायु मां जानकी की रक्षा करते हुये में प्राण गंवाये तो भगवान की गोद में अंतिम सांस ली और द्वापर युग में अधर्मी दुर्योधन के पक्ष में युद्ध किये तो वाणों की संय्या पर अंतिम सांस लिये। अधर्म का साथ देने वाले का परिणाम भी बुरा ही होता हैं, सत्य की हमेशा जीत होती हैं।
इस अवसर पर कथा यजमान योगेश्वर पांडेय, सिद्धेश्वर शाही, मन्केश राय, संजय कौशिक,कामोद सिंह,मनीष सिंह,करुणेश पांडेय, मनीष सिंह पिन्टु,हिमांशु,उर्मिला पाण्डेय,सुभावती देवी उपस्थित रहे।
आक्रोशित लोगों ने घंटों शव रखकर दिया धरना खड्डा, कुशीनगर। खड्डा थाना क्षेत्र में…
कुशीनगर। जिले के तमकुहीराज थाना क्षेत्र में बुधवार को हुई साली और जीजा की…
कुशीनगर । जनपद में अवैध खनन और बिना वैध प्रपत्रों के बालू परिवहन के…
बोले- करोड़ों व्यापारियों और कारीगरों की रोजी-रोटी पर पड़ेगा असर, गैरजिम्मेदाराना है ऐसा बयान…