पथरदेवा/देवरिया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी ने रविवार को ऐलान किया कि वह पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। श्री त्रिपाठी की घोषणा से पथरदेवा का सियासी पारा गर्म होने लगा है। लगभग 1 वर्ष पूर्व ब्रह्माशंकर त्रिपाठी देवरिया सदर विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में दमदारी के साथ चुनावी मैदान में थे।श्री त्रिपाठी अपने पुराने चुनावी क्षेत्र कुशीनगर विधानसभा से चुनाव लड़ने वाले थे,हालांकि अचानक सियासी समीकरण बदल सा गया है।जानकारी अनुसार सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से हरी झंडी मिलने के बाद श्री त्रिपाठी ने पथरदेवा से चुनावी मैदान में आने के साथ पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र के मुसहरी इंटर कॉलेज में सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक भी बुलाई गयी थी,सैकड़ो कार्यकर्ताओ ने श्री त्रिपाठी का जोरदार स्वागत किया,व अपने नेता को आगामी विधानसभा चुनाव में जिताने का सकल्प लिया।बातचीत में ब्रह्माशंकर त्रिपाठी ने कहा कि मैं पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ूंगा,सपा सुप्रीमो से हरी झंडी मिल गई है,चुनाव की तैयारी जोरो से शुरू हो गई है,अब मैं पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में रहूंगा।
इससे पहले भी ब्रह्माशंकर त्रिपाठी कई चुनाव पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र से लड़ चुके हैं,उस दौरान उनका मुकाबला भाजपा के वरिष्ठ नेता व कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही से होता रहा है।।
ब्रह्माशंकर त्रिपाठी पांच बार विधायक व दो बार प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। छात्र संघ की राजनीति से उन्होंने सदन तक का सफर तय किया और वकालत का पेशा छोड़ जनता की सेवा के लिए 1980 में सक्रिय रूप से राजनीति में भागीदारी शुरू किए।कसया के पिपरा झाम गांव के मूल निवासी ब्रह्माशंकर त्रिपाठी
1969-70 में बीआडीपीजी कालेज देवरिया में बीए पढ़ाई के दौरान ऐच्छिक यूनियन के अध्यक्ष चुने गए। यहां से वह गोरखपुर विश्वविद्यालय में एलएलबी की पढ़ाई वर्ष 1973 में पूरा करने के बाद देवरिया कचहरी में वकालत शुरू किए। उनका मन नहीं लगा और 1980 में वकालत छोड़ सक्रिय रूप से राजनीति शुरू किए। 1983 व 1988 में कसया के ब्लाक प्रमुख चुने गए। 1988 में ही कोआपरेटिव बैंक देवरिया-कुशीनगर के संचालक बने।
1989 में विधान सभा क्षेत्र कसया से जनता दल से, 1993 में भी कसया से जनता दल से विधायक बने। 1991 में राम लहर में चुनाव कसया से चुनाव हार गए। 1996 में सपा की सदस्यता लिए और विधायक का चुनाव हार गए। इसके बाद वर्ष 2002, व 2007 में सपा के टिकट पर कसया से जीत दर्ज किए।
2003 में सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री बनया गया। उनके साथ होमगार्ड, सैनिक व पीआरडी विभाग रहा। 2012 में परिसीमन के बाद भौगोलिक स्थिति बदली और कुशीनगर विधान सभा क्षेत्र से सपा से चुनाव लड़े और जीते। अखिलेश यादव की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे और उनके पास होमगार्ड, व्यवसायिक शिक्षा, पीआरडी की जिम्मेदारी रही। 2017 में कुशीनगर से सपा की सीट से चुनाव लड़े और हार गए।
पथरदेवा विधानसभा : एक नजर में
सीट का नाम- 338 – पथरदेवा
जिला- देवरिया
कुल मतदाता- 3,17,739(2017 में)
वर्तमान विधायक- सूर्य प्रताप शाही
पार्टी- भारतीय जनता पार्टी
इस वक्त यह सीट भारतीय जनता पार्टी के पास है। पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी के शाकिर अली दूसरे नंबर पर रहे थे। शाही ने 42,997 वोटों के अंतर से मात दी थी। बहुजन समाज पार्टी तीसरे पायदान पर रही थी। 2012 में यहां से सपा के टिकट पर शाकिर अली जीते थे।शाही यूपी भाजपा के पुराने नेताओं में से हैं और कभी प्रदेश में पार्टी की कमान संभाला करते थे। 1980 के दशक से विधानसभा में उनका सफर शुरू हुआ। 1991 में मंत्री पद मिला। हालांकि 2002 के बाद लगातार तीन बार शाही चुनाव हार गए। 2017 में बीजेपी के साथ-साथ उन्हें भी सफलता मिली।
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