हाटा/कुशीनगर। स्थानीय तहसील मुख्यालय के बगल में स्थित बीआरसी परिसर में चल रहे जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान लंच व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों के लिए लाए गए भोजन को लेकर आरोप है कि लंच पैकेट कचरा ढोने वाले वाहन से पहुंचाए गए।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुकरौली नगर पंचायत की एक गाड़ी, जिसका उपयोग सामान्यतः कचरा उठाने के लिए किया जाता है, उसी से भोजन सामग्री लाई गई। गाड़ी पर नगर पंचायत के चेयरमैन राजनेति कश्यप का नाम भी अंकित बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।शिक्षकों ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए इसे अपमानजनक बताया है। उनका कहना है कि समाज में शिक्षक को सम्मानित स्थान दिया जाता है, ऐसे में कचरा वाहन से भोजन मंगाना उनकी गरिमा के खिलाफ है।साथ ही, इस तरह की व्यवस्था से स्वच्छता मानकों पर भी सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जिस वाहन का उपयोग कचरा ढोने में होता है, उसमें खाद्य सामग्री लाना स्वास्थ्य के लिहाज से भी उचित नहीं है और इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
हालांकि, मामले में सुकरौली नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी सर्वेश श्रीवास्तव ने आरोपों से इनकार किया है।
उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो भ्रामक है और संबंधित वाहन का उपयोग केवल कचरा ढोने में ही नहीं, बल्कि अन्य कार्यों, जैसे इलेक्ट्रिक कार्यों में भी किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि नगर पंचायत के पास कुल छह वाहन हैं, जिनमें से चार नियमित उपयोग में हैं चार कचरा ढोने में दो अन्य कार्य जैसे इलेक्ट्रिक कार्य उसी इलेक्ट्रिक कार्य वाले गाड़ी में खाना गया है और उनकी साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है।इसके बावजूद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि भले ही वाहन साफ हो, लेकिन कचरा ढोने वाले वाहन में भोजन सामग्री लाना क्या उचित है। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसकी जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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