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कप्तानगंज: बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर प्रशासन ने किया चीनी मिल गेट सील; किसानों का लगभग 77 करोड 12 लाख 61 हजार रूपया है बाकी

Farendra Pandey

Reported By:

Jul 28, 2023  |  6:54 PM

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कप्तानगंज: बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर प्रशासन ने किया चीनी मिल गेट सील; किसानों का लगभग 77 करोड 12 लाख 61 हजार रूपया है बाकी

कप्तानगंज/कुशीनगर। नगर में स्थित चीनी मिल पर किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर जिलाधिकारी कुशीनगर के निर्देश पर तहसीलदार कप्तानगंज ने मय सह कर्मियों के साथ मिल के सभी प्रमुख गेटों को सील कर दिया। इसके पूर्व प्रशासन द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान हेतु दो बार मिल प्रबंधन तंत्र को सूचना दिया जा चुका है। मिल प्रबंधन तंत्र द्वारा भुगतान के संबंध में किसी भी प्रकार का पहल न करने के कारण किसानों के हित को देखते हुए चीनी मिल को सील किया गया।

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मिली जानकारी के अनुसार नगर में स्थित शकंर शर्करा संकुल, ए-डिविजन आप कनोरिया सुगर एण्ड जनरल मैनुफैक्चरिंग कम्पनी लिमिटेड कप्तानगंज कुशीनगर पर विगत वर्षों का किसानों का कुल लगभग 77 करोड़ 12लाख 61हजार रूपये गन्ना मूल्य बाकी है। जिसमें बर्ष 2002-2003 का डिफर 30 करोड़ 74 लाख 75 हजार ब्याज सहित डिफर तथा बर्ष 2021-2022 का 46 करोड़ 35 लाख 86 हजार ब्याज सहित शामिल है, किसान गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर के जन प्रतिनिधियों व प्रशासन से अपने माली हालत का दशा ब्या करते हुए अविलम्ब भुगतान हेतु अपील करते रहे। वहीं प्रशासन की तरफ से भी दो बार मिल प्रबंधन तंत्र को नोटिस भेजा जा चुका। परन्तु मिल प्रबंधन तंत्र द्वारा कोई ठोस कार्यवाही व भुगतान हेतु विशेष पहल न करने की स्थिति में शुक्रवार को जिलाधिकारी कुशीनगर के निर्देश पर तहसीलदार कृष्ण गोपाल त्रिपाठी व मय सहयोगियों के साथ चीनी मिल पर पहुंच कर मिल के सभी प्रमुख 6 गेटों को सील कर दिया।

बताते चलें कि कप्तानगंज सुगर मिल एक अच्छे केन जोन एरिया की फैक्ट्री मानी जाती रहीं जो आज गन्ना मूल्य बकाया को लेकर बन्द पड़ी है। जिससे फैक्ट्री में काम करने वाले लगभग- 5-6सौ कर्मचारियों व मजदूरों के परिवार भूखमरी के कगार पर है इनकी रोजी- रोटी इसी फैक्ट्री पर निर्भर था‌। वहीं किसानों की गाढ़ी कमाई का करोड़ों रूपया फैक्ट्री के जिम्मे बकाया है उनके बच्चों के शुल्क व कापी किताब दवा इत्यादि को लेकर किसान आर्थिक तंगी से जुझ रहा है। विगत कई वर्षों से मिल द्वारा भुगतान की अनियमितता व फैक्ट्री बंद होने के कारण क्षेत्र के अधिकांश किसानों ने गन्ना की बुवाई कम कर दिया है। जब कि क्षेत्र के किसानों की गन्ना एक नगदी फसल के रूप में थी। जो आज प्रशासन द्वारा मिल गेट को सील किया गया है। इससे किसानों में भुगतान की आश जगी है।

इस दौरान जितेन्द्र यादव, मार्कण्डेय गुप्ता, विनोद पांडेय, जैनुद्दीन,अक्षबैर सिंह, नागेन्द्र दुबे,घन श्याम ओझा,प्रभु प्रसाद,ईश्वर यादव, अखिलेश चौहान सहित मिल प्रबंधन तंत्र के लोग भी मौजूद रहे।

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