कसया/कुशीनगर। लगातार बेमौसम हो रही बारिस से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। खेतों में गेंहूँ, दलहन, तेलहन, सब्जियों की फसल के नष्ट होने का संकट गहरा गया है।
बारिस से कच्चे, पक्के रास्ते कीचड़ से सराबोर हो गए हैं और फिसलन बढ़ने से रास्ते मे आना जाना कठिन हो गया है। नगर, चौराहे सुने पड़ गए हैं। तो वहीं खेतों में पकी गेहूं, दलहन, तेलहन की फसलें जमींन पर गिर कर नष्ट हो रही है। बहुत सारे खेतों में पानी भर गया है। जिससे किसानों की चिंता काफी बढ़ गयी है। पिछले तीन दिन पूर्व आयी आंधी व पानी से कसया तहसील क्षेत्र के हजारों एकड़ गेहूं गिर गया है। बहुत से खेतों में सरसों काट कर पड़ा हुआ है और बारिस के वजह से खेतों में डूब रहा है। आलू, मटर, मसूर आदि पकी फसलें भी नष्ट हो रही हैं। उधर लगातार बारिस से खेतों में गन्ना छिलाई का कार्य बाधित हो रहा है तो छीले गन्ने को खेतों से बारिस की परवाह न कर निकालने में किसान मेहनत कर रहे हैं।
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