कसया/कुशीनगर। जीवन मे आने वाली परिस्थिति को हमे अवसर के रूप में देखना है न कि संकट के रूप में। हमें सकारात्मक चिंतन करते हुए आपदा को भी अवसर में बदलने वाला बनना चाहिए।
उपरोक्त बातें राष्ट्रीय सेवा योजना बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर द्वारा आयोजित विशेष शिविर के चौथे दिन सकारात्मक चिंतन करते हुए आपदा सकारात्मक चिंतन करते हुए साध्वी स्मिता दीदी ने कही। बताया कि जीवन मे आगे बढ़ने के लिए अनुशासन, धैर्य, मेहनत, दूरदृष्टि, सकारात्मक चिंतन और शांतचित्त होना जरूरी है। मुख्यअतिथि जिला पर्यटन अधिकारी डॉ प्राण रंजन ने कहा कि भारत पर्वो एवं महोत्सवों का देश है। यहाँ पर धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं है। कुशीनगर में पर्यटन रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। विशिष्ट अतिथि ओम प्रकाश जायसवाल ने स्वयंसेवको को उनके कर्तव्य और जिम्मेदारियों से अवगत कराया।प्रीति दीदी ने बताया कि जिस तरह मैग्नीफाइड ग्लास द्वारा ऊर्जा को एक जगह केंद्रित करने से कागज जल सकता है उसी तरह हम अगर अपनी चिंतन शक्ति को एक जगह केंद्रित करें। स्वयंसेवको को ध्यान एकाग्र करने के लिए मैडिटेशन करना भी सिखाया गया। अध्यक्षीय उद्बोधन करते हुए डॉ वीरेंद्र कुमार साहू ने कहा कि अध्यात्म हमें जीवन जीने की कला सिखाता है। जिससे आपका जीवन आनंदमय हो जाएगा और प्रसन्नता से भर जाएगा। संचालन स्वयंसेविका वीणा कुमारी और आभार ज्ञापन पूजा ने किया।
इस अवसर कार्यक्रम अधिकारी डॉ निगम मौर्य और डॉ पारस नाथ समेत संजय, फूलचंद, आदर्श, आकाश, फरहान आदि उपस्थित रहे।
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