कसया/कुशीनगर। फाजिलनगर विकास खण्ड ग्राम कटेया मैनुद्दीन नटवा मे नौ दिवसीय शिव परिवार प्रतिष्ठात्मक महायज्ञ का आज तीसरे दिन भी भक्तों की भीड़ खूब देखने को मिला । यज्ञ में शिव पार्वती का कथा सुनकर श्रोताओं हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा पांडाल गुजने लगा।
अयोध्या से पधारे विद्वान मानस मर्मज्ञ यशोदा नंदन ने कथा का रसपान कराते हुए कहा की भगवान शंकर ने सबसे पहले सती से विवाह किया था। यह विवाह बड़ी कठिन परिस्थितियों में हुआ था क्योंकि सती के पिता दक्ष इस विवाह के पक्ष में नहीं थे। हालांकि उन्होंने अपने पिता ब्रह्मा के कहने पर सती का विवाह भगवान शंकर से कर दिया। राजा दक्ष द्वारा शंकरजी का अपमान करने के चलते सती माता ने यज्ञ में कूदकर आत्मदाह कर लिया था। शिव और सती की कथा सुनकर सभी भक्तों की आंखें नम हो गई। कहा की यदि कोई भी व्यक्ति आपके प्रति श्रद्धा भाव समर्पण रखता है तो उसके साथ विश्वासघात कदापि ना करें।यह कृत्य जीवन सबसे बड़ा भूल और अपराध होगा। रोज की भांति बुधवार के सुबह 7 बजे यज्ञाचार्य पं विजय तिवारी ने यज्ञ स्थल का पूजन अर्चन कराए। यजमान अशोक कुमार सिंह ने बताया कि यज्ञ में रात्रि में वृन्दावन धाम के कलाकारों द्वारा रामलीला का प्रदर्शन तथा दिन में कथा का प्रबंध किया गया है।
इस अवसर पर गिरीश सिंह, परमेश्वर गुप्ता, नगीना प्रसाद, बृजकिशोर सिंह, अशोक प्रसाद, ओमप्रकाश सिंह,भृगुनाथ पाण्डे, विजय सिंह, दीनानाथ, रितेश, प्रमोद सिंह , बृजलाल, शंभू, हेमंत, महेश सहित भारी संख्या मे श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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