कसया/कुशीनगर। बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए सरकारी स्तर से अनेक प्रकार के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं,इसके साथ ही नशे को समाज की बड़ी समस्या माना जाता है,फिर भी अनेक जगह ताड़ी बेचने के लिए मटकी रखकर ग्राहकों का इंतजार करते हुए किशोरों को भी देखा जा सकता है। इससे उनमें नशे की आदत भी पनप रही है, लोगों में इसे लेकर आक्रोश है।
सरकारी अमले द्वारा नशे की प्रवृत्ति पर लगाम लगाने के लिए जागरुकता कार्यकम किया जा रहा है। इसके साथ ही सभी के पढ़ने लिखने पर जोर दिया जा रहा है। बावजूद इसके सड़क के किनारे ताड़ी की मटकी लेकर किशोर बिक्री करते हुए देखे जा रहे हैं। इससे उनमें भी नशे की आदत पड़ने से भविष्य के चौपट होने का खतरा उत्पन्न हो रहा है। सुबह से ही ताड़ी उतरने के बाद कई स्थानों पर सपहा-कसया मार्ग समेत विभिन्न मार्ग के किनारे ताड़ी की मटकियां या डिब्बा मे लेकर लोग व बच्चे बेचने के लिए बैठ जाते हैं। कुछ तो खुद ही ताड़ी का सेवन करके नशे की हालत में मिलते हैं। ताड़ी बेच रहे एक किशोर से बात करने पर पहले तो वह डर गया परंतु समझाने पर अपना नाम न बताने की शर्त पर कहा कि परिवार की आर्थिक समस्या को दूर करने के लिए वह स्कूल के बाद के समय में ताड़ी बेंचने का कार्य करता है। भले ही ताड़ी बेचने के कार्य में किशोरों को लगे होने के पीछे पारिवारिक परंपरा कारण हो अथवा मजबूरी पर इससे कई किशोर नशे के लती हो जा रहे हैं.
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