• तीन लाख पच्चास हजार रुपए नकद सत्ताइस पासपोर्ट, दो लग्जरी वाहन, कंप्यूटर वीजा और ऑफर लेटर हुआ बरामद

पडरौना/कुशीनगर। पडरौना कोतवाली और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने शनिवार को जिले के अलग-अलग स्थानों से छंह अंतर राज्य गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके सत्ताइस पासपोर्ट तीन लाख पच्चास हजार नगद दो लग्जरी वाहन के अलावा मोबाइल फोन के साथ कंप्यूटर वीजा ऑफर लेटर और मुहर बरामद किया है।

पुलिस अधीक्षक ने पत्रकार वार्ता कर पत्रकारों से बताया कि अंतरराज्यीय गिरोह सदस्यों के पास से तीन लाख पच्चास हजार रुपए नगद और दो चार पहिया वाहनों में एक महिंद्रा बोलेरो और हुंडई व्हेन वी कार समेत नौ मोबाइल फोन कंपनियों के साथ एकतालिस मोहर सत्ताइस पासपोर्ट ओरिजिनल पचपन्न फोटो कॉपी तीन कंप्यूटर तीन प्रिंटर एक स्कैनर चौदह रसीद बुक आठ रजिस्टर वीजा चौंतीस प्रिंटेड बासठ मेडिकल फिटनेस कागज बावन अलग-अलग कंपनियों का ऑफर लेटर सौ की संख्या में अलग-अलग कंपनियों का अनुभव प्रमाण पत्र तेरा फोटो पेपर व आठ एयर टिकट बासठ रिज्यूम बायोडाटा छब्बीस नौकरी के लिए आवेदन पत्र समेत आठ अप्वाइंटमेंट लेटर दो सादाब अल्प टेक्निकल इंस्टिट्यूट का सर्टिफिकेट बरामद की है।

विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर अंतर्राज्यीय गिरोह के सदस्य ऐसे करते थे अपराध: पुलिस अधीक्षक धवल जयसवाल ने बताया कि अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य पहले एक ऑफिस खोलते थे, इसके बाद अलग-अलग क्षेत्रों में अपने एजेंट बनाते थे,इस तरह एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सभी को जोड़ने का कार्य करते थे। इसमें गिरोह के सदस्यों द्वारा विदेश में नौकरी दिलाने के लिए अलग-अलग पदों के विज्ञापन ग्रुप में भेज देते थे। इसमें उस विज्ञापन के माध्यम से एजेंट के तरफ से वे अपने-अपने क्षेत्रों के लोगों को विदेश में नामी कंपनियों में नौकरी दिलवाने का विश्वास दिला कर पहले फार्म भरवा देते थे,इसके बाद अपने ऑफिस पर इंटरव्यू के लिए बुलाते थे,और एजेंट के माध्यम से प्रति व्यक्ति से साठ हजार नगद राशि ओ जमा करा लेते थे। इसके बाद सभी व्यक्तियों को वीजा दिलाने के लिए सिक्योरिटी के तौर पर उनका पासपोर्ट जमा करवाने के बाद पुनः कुछ दिन बाद उन व्यक्तियों को अलग-अलग कंपनियों में अलग-अलग पदों का ऑफर लेटर और मोहर हस्ताक्षर स्वयं करके ऑफर लेटर में अच्छी नौकरी से जुड़ी सैलरी का भी जिक्र कर देते थे। यह लोग एयर टिकट मेडिकल फिटनेस और अनुभव सर्टिफिकेट जल्दी बनवाने के लिए एजेंट के माध्यम से और पैसा जमा करा लेते थे। जिन व्यक्तियों का मेडिकल फिटनेस और अनुभव सर्टिफिकेट का पैसा जमा हो जाता था,उसको अपने आप ही से अलग-अलग कंपनियों का अनुभव सर्टिफिकेट मुहर और हस्ताक्षर से बना कर उन्हें मुहैया करा देते थे। हालांकि जब उन व्यक्तियों द्वारा विदेश भेजने के लिए दबाव बनाया जाता तो ओमान में रह रहे अपन भाई इम्तियाज खान के माध्यम से ओमान का विजिट टूरजिस्टर वीजा समय अवधि सीमा तीस दिन का मंगवा कर उस व्यक्ति को विदेश भेज देते थे। ऐसे में विदेश पहुंचने पर यह ठग गिरोह के सदस्य अपने भाई इम्तियाज के माध्यम से विदेश गए व्यक्ति को अनुभव सर्टिफिकेट के विपरीत मजदूरी में कुछ दिन का काम दिलाने का कार्य करते थे। जब बीजा की समय अवधि पूरी हो जाती तो उस व्यक्ति को यह बता देते थे कि अब काम नहीं है,यहां कुछ व्यक्ति मन के अनुरूप काम ना मिलने से और कुछ लोगों को टूरिज्म वीजा पर आने का पता चलने और इसकी सीमा समय तीस दिन का है,अब यहां कुछ काम ना मिलने या काम समाप्त हो जाने के कारण वे अपने घर वापस आने को तैयार हो जाते थे। इसमें ऐसे लोगों के के द्वारा विदेश गए लोगों को अपना स्वयं खर्च कर घर वापस आ जाने को मजबूर हो जाते थे। ठग गिरोह के सदस्यों को इन लोगों से पूर्व में लिए गए पैसा वापस करने से बच जाया करते थे।

घटना में लिप्त है छह अंतरराज्यीय अभियुक्त है: अमजद करीम पुत्र स्वर्गीय मोहम्मद रजा खान निवासी बघौचघाट टोला बाजार थाना बघौचघाट जनपद देवरिया, जबकि अशरफ पुत्र स्वर्गीय खालील निवासी हरपुर बेलही थाना पटहेरवा जनपद कुशीनगर,राजेश कुमार साह पुत्र स्वर्गीय दीनानाथ निवासी शीतल चौराहा थाना कटया जिला गोपालगंज बिहार के अलावा सोनू आलम उर्फ शाहबाज आलम पुत्र जैनुल निवासी धनौरा थाना पटहेरवा जनपद कुशीनगर, आशिक अंसारी पुत्र मुंसी अंसारी निवासी सोहन थाना तुर्कपट्टी जनपद कुशीनगर,कलामुद्दीन अंसारी पुत्र अकबर अंसारी निवासी नगर पंचायत फाजिलनगर थाना पटहेरवा कुशीनगर शामिल थे।

कोतवाली पडरौना और साइबर सेल की रही महत्वपूर्ण भूमिका: कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राज प्रकाश सिंह मय टीम फोर्स के, प्रभारी निरीक्षक साइबर सेल मनोज कुमार पंत,प्रभारी निरीक्षक आशुतोष कुमार सिंह, थाना तुर्कपट्टी मय टीम उपनिरीक्षक शरद भारती सर्विलांस,कांस्टेबल चंद्रभान बर्मा, कांस्टेबल बिजय चौधरी,कांस्टेबल अनील यादव,महिला कांस्टेबल नेहा यादव,प्रशांत कुमार मिश्रा साइबर सेल टीम से जुड़े पुलिस के जवान शामिल रहे।