कुशीनगर। यदि आप वाहन चला रहे हैं और यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे तो अब अलर्ट हो जाइए। कुशीनगर पुलिस नियम तोडऩे वालों के खिलाफ सख्त हो गई है। अब उसे चालानी कार्रवाई करने के लिए रसीद नहीं काटनी पड़ेगी, सीधे पीओएस मशीन से चालान बनेगा। नियम तोडऩे वाले बहाना भी नहीं बना सकते। यदि नकद रुपए जेब में नहीं है तो मशीन के जरिए जुर्माना क्रेडिट कार्ड से भी भरा जाएगा।

पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल ने बताया जिले में ट्रैफिक नियम तोडऩे वालों के खिलाफ इ-चालान की जाएगी। रविवार को हुए प्रशिक्षण में एसपी, एएसपी के साथ जनपद के सभी थानों से मातहत उपस्थित हुए। एसपी ने बताया ट्रैफिक नियमों को तोडऩे वालों के विरुद्ध कार्रवाई में पारदर्शिता रहे, काम जल्दी हो, इसके लिए पीओएस मशीन के जरिए इ-चालान और इ-पेमेंट की शुरुआत की है।

जिले में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ ई-चालान की शुरुआत हो चुकी है। इसके लिए बाकायदा पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों की ट्रेनिंग चल रही है। रविवार को पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी यातायात के पर्यवेक्षण में यातायात निरीक्षक की उपस्थिति में पुलिस ऑफिस के सभागार में जनपद के समस्त थानों के उपनिरीक्षक गणों एवं यातायात कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें POS मशीन से चालान बनाने संबंधी प्रशिक्षण इजी टैप कंपनी के सर्विस इंजीनियर द्वारा दिया गया। ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों के विरुद्ध कार्रवाई में पारदर्शिता बनीं रहे और काम जल्दी हो इसके लिए POS मशीन के जरिए ई-चालान और ई-पेमेंट की शुरु आत की जा रही है। ट्रैफिक नियमों की धाराएं और उनके जुर्माने की राशि मशीन में पहले से ही फीड है।

ऐसे काम करेगी मशीन: एसपी ने बताया ट्रैफिक नियमों की धाराएं और उनके जुर्माने की राशि मशीन में पहले से फीड है। जिस धारा का उल्लंघन होगा उसको भरते ही जुर्माने की राशि सामने स्क्रीन पर आ जाएगी। मशीन में एक कैमरा लगा है जो मौके पर फोटो लेगा। इस लेनदेन के लिए डेविट कार्ड, एटीएम और नेट बैंकिंग आदि का उपयोग होगा। आने वाले दिनों में यूपीआई, क्यू आर कोड सिस्टम लागू हो जाएगा। अगर कोई नकद भुगतान करना चाहता है तो इस पर गाड़ी का नंबर और नियम के उल्लंघन की जानकारी फीड करते ही पर्ची निकल जाएगी। इसके बाद नकद भुगतान लिया जा सकेगा।

पैसा नही है तो दूसरी व्यवस्थाएं भी: यदि किसी व्यक्ति के पास जुर्माने की राशि नहीं है और क्रेडिट कार्ड भी नहीं है तो उसका गाड़ी नंबर और मोबाइल नंबर फीड किया जाएगा। इस नंबर पर मशीन के जरिये एसएमएस से लिंक भेजेंगे। जिस पर उल्लंनकर्ता को 7 दिन के अंदर भुगतान करना होगा। यह भुगतान नेट बैंकिंग या थाने में जाकर किया जा सकता है। एक हफ्ते बाद यह जुर्माना वर्चुअल कोर्ट में भरा जाएगा।

यह भी जानें: एक से अधिक बार नियम तोडऩे वालों को भी यह मशीन स्केन करेगी। यदि पहले इ-चालान कटा है। दूसरी बार फिर नियमों को तोड़ते पकड़े गए यह मशीन पुराना रिकार्ड बता देगी। कई बार नियम तोडऩे वालों के ड्राइविंग लायसेंस और मोटर व्हीकल् एक्ट के तहत कार्रवाई करेंगे।