कुशीनगर। खरमास खत्म होने के बाद शादियों का सीजन एक बार फिर से शुरू हो गया। अप्रैल से जुलाई के पहले सप्ताह तक विभिन्न शुभ मुहूर्त में बैंड-बाजा बजने के साथ बारात आएगी। खुशियों वाले समय में तमाम युवा और युवतियां वैवाहिक बंधन में बंधने को तैयार हैं, लेकिन इन खुशियों को महंगाई का ग्रहण लगेगा। शादियों पर पेट्रोल और डीजल समेत अन्य चीजों की बढ़ती कीमतों ने बड़ा असर डाला है।
पेट्रो पदार्थों में इजाफा होने के कारण महंगाई की मार पड़ी है, जिसके कारण वर और वधु पक्ष का बजट बिगड़ गया है। मैरिज लॉन से लेकर कैटर्स तक ने अपने रेटों में इजाफा कर दिया है या फिर करने की तैयारी में हैं। पेट्रोल व डीजल दाम बढ़ने के बाद सात फेरों पर भी महंगाई की मार साफ दिखने लगी हैं। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से मैरिज लॉन संचालकों के ऊपर भी बोझ बढ़ गया है। पहले एक बरात में जितने रुपये का डीजल खर्च होता था। रेट बढ़ने से डीजल पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। वेटर पहले की अपेक्षा अतिरिक्त मांग रहे हैं। सर्विस करने वाले कर्मचारी अधिक रुपये चार्ज कर रहे हैं। इसी तरह क्राकरी के रेट भी चढ़ गए हैं। डेकोरेशन और लाइट वाले भी पहले वाले रुपये लेने को तैयार नहीं हैं। फूलों पर भी महंगाई की मार पड़ी है। सिलिंडर पहले से महंगाई की आंच में झुलस रहा है।
मैरिज हाल संचालकों पर बोझ बढ़ा: शादियों के लिए दो से तीन महीने पहले ही मैरिज हाल की बुकिंग हो जाती है। संचालको का कहना है कि हमने तो पहले के रेट से बुकिंग की थी, अब पेट्रो पदार्थों के रेट बढ़ने से महंगाई में इजाफा हुआ है। इसलिए पार्टी तो अधिक रुपये नहीं देगी। ऐसे में खुद ही सब मैनेज करना पड़ेगा। ऐसे में संचालकों पर बोझ बढ़ गया है।
दबाव में वर-वधु पक्ष: पेट्रोल और डीजल के रेट बढ़ने से मालभाड़ा बढ़ गया है। इसलिए हर चीज के रेट में इजाफा हो गया है। खान-पान से लेकर बैंड वाले तक अपने दाम बढ़ा दिए हैं। कपड़े, ज्वेलरी, फर्नीचर, वर्तन, इलेक्ट्रॉनिक समान आदि सामानों के दामो में बेतहाशा वृद्धि हुई है। ऐसे में वर और वधु पक्ष पर अधिक दबाव पड़ रहा है और उनका बजट गड़बड़ हो गया हैं।
सरसों का तेल, रिफाइंड तक महंगा, संकट में कैटर्स: खान-पान की सामग्री के दाम बढ़ने से कैटर्स सबसे ज्यादा परेशान हैं। हाल यह है कि थाली का रेट सुनकर लोग घबरा जाते हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का असर शादियों की कैटरिंग पर सबसे ज्यादा पड़ा है। पहले जिन वस्तुओं को सस्ते दामों में खरीदा जाता था। वह महंगाई की आंच में झुलस रही है। सब्जी और सरसों का तेल तक महंगा हो गया। डिस्पोजल क्राकरी महंगी होने से कैटर्स के सामने काफी संकट खड़ा कर दिया है। जिसके चलते कैटर्स को अपना खर्चे मैनेज करने में दिक्कत हो रही है। वहीं कर्मचारियों ने भी रेट बढ़ाए जाने को लेकर गुहार लगाना शुरू कर दिया है। कैटर्स का कहना है कि शादियां पहले से ही बुक थीं। सब्जी से लेकर रिफाइंड और सरसों के तेल पर बढ़ोत्तरी होने से काफी ज्यादा परेशानी आ गई। खर्चे मैनेज करना मुश्किल हो रहा है। अब पहले से जो काम बुक किया है। उसे जैसे-तैसे निपटाना है। कैटरिंग में बचत काफी कम हो गई है।
– अप्रैल में 15, 16, 17, 19, 20, 21, 22, 23, 24 और 27 तारीख को विवाह करना शुभ होगा।
– मई में शुभ मुहूर्त 2, 3 (अक्षय तृतीया), 9, 10, 11, 12, 15, 17, 18, 19, 20, 21, 26, 27 और 31 में है।
– जून में 1, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 13, 17, 23 और 24 तारीख को शादी करना शुभ रहेगा।
– जुलाई माह में विवाह के शुभ मुहूर्त 4, 6, 7, 8 तारीख को है।
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