कुशीनगर। नारायणी नदी के बढ़े जलस्तर और तटबंध कटान से उत्पन्न बाढ़ के संकट के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुशीनगर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने जनपद में पहुंचते ही सबसे पहले तटबंध कटान स्थल का हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। इसके बाद सड़क मार्ग से प्रभावित ग्राम जवही दयाल पहुंचे और पंचायत भवन में बनाए गए राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम पूछा। मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली और प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री इसके बाद राहत सामग्री वितरण स्थल पर पहुंचे और बाढ़ प्रभावित नागरिकों से सीधे संवाद किया। उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और शासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले चार दिनों से प्रदेश, देश के विभिन्न हिस्सों तथा नेपाल में हुई मूसलाधार बारिश के कारण नारायणी नदी का जलप्रवाह अचानक बढ़ गया। सामान्य तौर पर तीन से चार लाख क्यूसेक रहने वाला नदी का प्रवाह बढ़कर करीब 5.5 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। अचानक बढ़े जलदबाव के कारण तटबंध क्षतिग्रस्त हुए और कई गांवों में जलभराव की स्थिति पैदा हुई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस आपदा की घड़ी में प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती के साथ खड़ी है। राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।
एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की चार टीमें मैदान में
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए जा रहे हैं। एनडीआरएफ की दो टीमें, एसडीआरएफ की दो टीमें तथा पीएसी की फ्लड यूनिट को राहत कार्य में लगाया गया है। जलमग्न और बेघर परिवारों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में गुणवत्तापूर्ण भोजन, शुद्ध पेयजल और जनरेटर के माध्यम से 24 घंटे निर्बाध प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 5,000 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। करीब 50 किलोग्राम वजन वाले प्रत्येक पैकेट में 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, दो किलो दाल, तेल, मसाले, नमक, लाई, चना और बाल्टी सहित दैनिक उपयोग की करीब 35 प्रकार की आवश्यक सामग्री शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि आपदा में जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को तत्काल चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पूरी तरह नष्ट हुए मकानों के पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराया जाएगा।

वहीं, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए भी नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
किसानों के नुकसान का 15 दिन में होगा सर्वे
बाढ़ से धान, गन्ना और सब्जियों की फसलों को हुए नुकसान का मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया। उन्होंने जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल पारदर्शी सर्वे कराकर 15 दिन के भीतर क्षति का आकलन पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
बाढ़ का पानी कम होने के बाद जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में आगामी पांच से छह दिनों तक नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने को कहा गया है, ताकि बाढ़ के बाद किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
अब नारायणी की धारा का होगा स्थायी समाधान
मुख्यमंत्री ने तात्कालिक राहत के साथ-साथ नारायणी नदी की समस्या के स्थायी समाधान पर भी जोर दिया। सिंचाई विभाग को क्षतिग्रस्त तटबंधों की तत्काल मरम्मत कराने के साथ भविष्य की सुरक्षा के लिए उन्हें आधुनिक तकनीक से मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने जल शक्ति मंत्री और प्रमुख सचिव सिंचाई को नारायणी नदी की व्यापक ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य नदी की गहराई बढ़ाना, जलप्रवाह को सुचारु करना और जमा गाद का समुचित उपयोग करना है।

मुख्यमंत्री को सोमवार रात ही तटबंध कटान की जानकारी मिल गई थी। इसके बाद उन्होंने मंडलायुक्त, एडीजी समेत वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
निर्देश मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों की निगरानी शुरू कर दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम साफ होने के साथ हालात तेजी से सामान्य होंगे और शासन-प्रशासन का पूरा तंत्र प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए जमीन पर सक्रिय रहेगा।
इस दौरान सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, क्षेत्रीय सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, सांसद विजय कुमार दुबे, विधायक डॉ. असीम कुमार राय, विधायक सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, विधायक पीएन पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, पूर्व विधायक पंडित नंदकिशोर मिश्र, राजेश्वर सिंह, प्रमुख सचिव सिंचाई, गोरखपुर मंडल के आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह, एडीजी रामकुमार, जिलाधिकारी संजय चौहान, पुलिस अधीक्षक समेत जनपद स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।
हाटा कुशीनगर: विधान परिषद में नेता शिक्षक दल एवं गोरखपुर फैज़ाबाद क्षेत्र के शिक्षक…
5.43 लाख क्यूसेक से घटकर 1.91 लाख क्यूसेक हुआ डिस्चार्ज, गांवों में अब भी…
कुशीनगर। जिस एपी तटबंध को बचाने के लिए सोमवार को पूरा दिन प्रशासनिक और…
मथौली बाजार कुशीनगर, विद्युत उपकेंद्र सोहसा मठिया से होने वाली विद्युत आपूर्ति ग्राम सभा…