रामकोला/कुशीनगर। दशहरा पर्व पर क्षत्रिय समाज के लोगों ने अपने-अपने घरों में रखे तलवारों तथा लाइसेंसी शस्त्रों में कलावेें बाँधे तथा उसकी पूजा की।
बताया गया कि महाराणा प्रताप ने हल्दी घाटी का युद्ध जीतने के बाद विजय पताका फहराने के साथ ही शस्त्रों का पूजन किया था। तभी से क्षत्रिय समाज प्रति वर्ष दशहरा पर शस्त्र पूजन की परंपरा निभा रहा है। यह पर्व असत्य पर सत्य की जीत के लिए मनाया जाता है।
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