रामकोला/कुशीनगर। भारतीय बाल्य रोग अकादमी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और आइ एम ए गोरखपुर के पूर्व अध्यक्ष डॉ डी0 के0 सिंह ने ओ. आर. एस. सप्ताह के अन्तर्गत मरीजों के संरक्षको को जीवन रक्षक घोल ( ओ आर एस) के संदर्भ में जागरूकता पैदा करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया।
कार्यशाला में लगभग 30 लोगों को ओ. आर. एस. के विषय में विधिवत जानकारियां दी गई और उनके अंदर उपजी शंकाओं का समाधान किया गया। उन्हें बताया गया कि निर्जलीकरण से बचने के लिए डायरिया में ओ.आर. एस. का घोल बहुत उपयोगी है। उन्होंने बताया कि इससे डायरिया से होने वाली मौतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आयोजित कार्यशाला में ओ.आर.एस. को बनाने एवं कितनी मात्रा में मरीज़ को कैसे देना है के संबंध में जानकारी दी गई। इसके साथ ही जिंक की उपयोगिता पर भी चर्चा की गई।
यह कार्यक्रम भारत सरकार व उ0प्र0 सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत की गई। आपको बताते चलूँ कि गोरखपुर के बाल्य रोग विशेषज्ञ डा0 डी0के0 सिंह रामकोला ब्लॉक के ग्राम कुसम्हां चकिया के निवासी है।
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