सुकरौली/कुशीनगर। नगर पंचायत सुकरौली के कस्बे बाजारों में होली का त्योहार करीब आ जाने से अबीर गुलाल व पिचकारियों की दुकाने पूरे दिन के साथ ही देर रात तक सजी रही। वैश्विक महामारी की त्रासदी में कितनों ने अपनों को खोया तमाम लोग कोरोना काल में जिंदगी और मौत से जूझते हुए नया जीवन पाए जबकि तमाम लोग उस त्रासदी के चपेट में आकर काल के गाल में समा गए। बीते दो साल के लंबे इंतजार के बाद इस वर्ष होली का त्योहार परंपरागत तरीके से मनाने का मौका मिलेगा। लिहाजा लोगों के मन में रंगों के इस पवित्र त्योहार को लेकर कौतूहल और जिज्ञासा बढ़ गई है। फिर भी कोरोना गाइडलाइंस का पालन करना जरूरी है। करीब एक हप्ते पहले से ही शहर की दूकानें भिन्न-भिन्न रंगों, अबीर-गुलाल और तरह-तरह की डिजाइन वाली पिचकारियों से पट गई हैं। बच्चे, वयस्क और बुजुर्ग सभी के अंदर एक अलग तरह की खुशी नजर आ रही है। लंबे समय बाद पहली बार खुल कर होली खेलने का मौका मिलेगा। साथ ही प्रशासन की सक्रियता भी त्योहार को सरल, सजग और सुरक्षित बनाने के लिए तैयार है।
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