तमकुही/कुशीनगर। बदलते मौसम के साथ सर्दी, जुकाम और फ्लू का होना सामान्य घटना है। अब सर्दी खत्म होने के बाद गर्मी ने दस्तक दे दी है। इसलिए, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि बीमार पड़ने का खतरा है। कुछ सुझाव का पालन कर आप मौसम का मुकाबला सुरक्षित तरीके से कर सकते हैं।
क्या कहते हैं सीएचसी तमकुही के वरिष्ठ चिकित्सक डा. संजय कुमार: सर्दी खत्म होते ही गर्मी ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। इससे घबराने की बजाए निपटने की तैयारी शुरू की जानी चाहिए। कुछ सावधानी और छोटी-छोटी बातों पर ध्यान बीमारी का सुरक्षा कवच हैं। गर्मी का मौसम पोषण मान और मिनरल के मामले में शरीर की खास देखभाल की मांग करता है। इसके बावजूद, शरीर में हाइड्रेशन का भी महत्वपूर्ण रूप से ध्यान रखा जाना चाहिए।आम तौर से गर्मी में हमारा शरीर किसी अन्य मौसम के मुकाबले कम कैलोरी का सेवन करता है। इसलिए, शरीर को ज्यादा कैलोरी की जरूरत नहीं होती, बल्कि ज्यादा पानी की जरूरत होती है। संतुलित पोषण आहार गर्मी में शरीर की जरूरत को पूरा करता है। गर्मी में, आपकी पाचन शक्ति सर्दी के मुकाबले धीमी हो जाती है। हमारा शरीर गर्मी में गर्म मौसम और उच्च तापमान के कारण पसीना निकालता है। इससे हमारी ऊर्जा लेवल सुबह से शाम होते नीचे जाने लगती है। गर्मी में पूरे दिन शरीर के ऊर्जा लेवल को बहाल रखने की जरूरत पड़ती है। डिहाइड्रेशन गर्मी की एक प्रमुख समस्या हो सकता है। कभी-कभी लू इंसानी शरीर को चपेट में ले लेता है। गर्मी के मौसम में बीमार पड़ने की आशंका से बचने के लिए कुछ सावधानियां आपके काम आएंगी। पसीने के चलते हम बहुत ज्यादा पानी गंवा देते हैं, जिसकी पूर्ति की आवश्यकता होती है। गर्मी से इलेक्ट्रोलाट्स का भी बहुत नुकसान होता है। हानि को पूरा करने के लिए कम से कम 2-3 लीटर पानी पीएं। पर्याप्त पानी पीने की जांच आप अपने मूत्र का रंग देखकर कर सकते हैं। अगर मूत्र का रंग गहरा है तो समझिए आप डिहाइड्रेशन का शिकार हैं और आप पर्याप्त पानी नहीं पी रहे हैं। अल्कोहल और कोला पीने से बचा जाना चाहिए क्योंकि ये पानी के नुकसान का कारण बनता है। इसके बजाए, नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, प्यास बुझाने और इलेक्ट्रोलाइट्स की प्राप्ति के लिए करें। जब भी बाहर जाएं, अपने साथ पानी का एक बोतल जरूर रखें। गर्मी में हल्का डाइट आदर्श है। भारी, मसालेदार और तले हुए भोजन खाने से बचा जाना चाहिए। सलाद, सूप, जूस खाने में हल्का और स्वस्थ फूड है। गर्मी के लिए ढीले और सूती के कपड़े अच्छे विकल्प हैं। कपड़ों में हल्का या सफेद रंग का इस्तेमाल करें। काला और गहरा रंग गर्मी को अवशोषित करते हैं, इसलिए उनसे बचा जाना चाहिए।
क्या कहते हैं तमकुही के सीएचसी अधीक्षक डा. राकेश गुप्ता: बाहर निकलते वक्त बाल को छाता या टोपी से ढंके, क्योंकि अल्ट्रावयलेट किरणे आपके बाल को भी नुकसान पहुंचाती हैं। सिर का ढंकना लू लगने से भी आपकी सुरक्षा करेगा। पसीना से छुटकारा और साफ करने के लिए बाल को धोएं। शरीर को ठंडा करने और गंदगी से छुटकारा के लिए दिन में दो बार नहाएं। नहाने के लिए नीम पानी का इस्तेमाल आपको संक्रमण से दूर रखेगा। बंद जूते के मुकाबले ओपन सैंडल को पहनें। इससे पसीना को सूखने की इजाजत मिलेगी और फंगल संक्रमण से बचाने में मदद करेगा। पांव को धोएं और उसे पानी में डुबोएं, क्योंकि इस तरह आपको राहत मिलेगा।
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