कसया/कुशीनगर। आज के बदलते दौर में महिलाएं अबला के बजाय सबला बनकर उभरी हैं। बेटियों को जन्म देने वाले माता – पिता को भेद रहित शिक्षा दिलाने के लिए आगे आना होगा तभी महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ेंगी और परिवार, राष्ट्र की उन्नति होगी।
उक्त बातें अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कुशीनगर के कसया ब्लाक में खण्ड विकास अधिकारी रहे पूर्व सैनिक बीएन टी बादल की चिकित्सक बेटी डा. यामिनी बादल ने दूरभाष पर कही। डा. यामिनी वर्तमान में लखीमपुर खीरी में बतौर चिकित्सा सेवा दे रही हैं। उन्होंने बताया कि उनका बचपन कसया में ही बीता और प्रारंभिक शिक्षा यहीं मिली। तीन बहनों व एक भाई को सांस्कारिक शिक्षा मेरे पिता ने समान रूप से दिलाई और कभी लड़के व लड़की में फर्क नहीं किया। जिसके बदौलत हम बहनें आज सफलता के मुकाम पर है। अपने पिता को याद करते हुए यामिनी ने कहा कि आज हर माँ बाप को अपने बेटियों को उत्साहित तथा भेद भाव रहित शिक्षा देना चाहिए जिससे समाज मे फैले कुरुतियों से इनका कोई वास्ता न हो तथा समाज मे यह महिलाएं एक मिसाल कायम करे।
यही प्रेणना हमे समाज के हर तबके में फैलाना होगा जिससे कि समाज की हर महिलाएं मर्दो के साथ कंधे से कंधा मिलाकर समाज को एक बेहतर दिशा में ले चलें तब सही मायने में महिला दिवस का आयोजन सार्थक होगा।
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