News Addaa WhatsApp Group Join करें

आइए समझते हैं रूसी कोरोना वैक्सीन को 10 प्वाइंटस में न्यूज अड्डा के साथ और आपको कब मिलेगी वैक्सीन?

न्यूज अड्डा डेस्क

Reported By:

Aug 12, 2020  |  4:58 AM

1,433 लोगों ने इस खबर को पढ़ा.
आइए समझते हैं रूसी कोरोना वैक्सीन को 10 प्वाइंटस में न्यूज अड्डा के साथ और आपको कब मिलेगी वैक्सीन?

•रूस ने किया कोरोना वैक्सीन का दावा

आपके लिए और..- कुशीनगर : चेतावनी बेअसर तो पुलिस ने बजाया कानून का...

•स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी वैक्सीन को मंजूरी

•राष्ट्रपति पुतिन की बेटी को दी गई डोज

कोरोना वायरस महामारी से बचाव के लिए पूरी दुनिया को वैक्सीन का इंतजार है. दुनिया के कई मुल्क वैक्सीन की कोशिशों में जुटे हैं. क्लीनिकल ट्रायल से ह्यूमन ट्रायल तक सफल हो गए हैं. अब तक हर तरफ ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन पर चर्चा हो रही थी, लेकिन मंगलवार रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दावा कर दिया कि उनके यहां दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन तैयार हो गई है. रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय से मंजूरी भी मिल गई है. पुतिन ने ये भी बताया है कि उन्होंने अपनी बेटी को ये वैक्सीन दी है.

रूस के दावे के बाद पूरी दुनिया में चर्चा शुरू हो गई है. हर किसी को वैक्सीन का इंतजार था. ऐसे में सवाल ये भी है कि क्या WHO इस वैक्सीन को मंजूरी देगा. अगर देगा तो कैसे इस वैक्सीन को आगे बढ़ाया जाएगा. क्या भारत में ये वैक्सीन लाई जाएगी? इन तमाम सवालों के जवाब से पहले 10 प्वाइंट में आपको समझाते हैं वैक्सीन से जुड़ी अहम बातें…

1- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 11 अगस्त को टीवी के जरिए देश और दुनिया के सामने आए और कोरोना वैक्सीन बनाने की जानकारी दी. पुतिन ने कह दिया है कि उनके देश ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बना ली है. करीब दो महीने के ह्यूमन ट्रायल के बाद इस वैक्सीन को रूस में मंजूरी दे दी गई है.

2- इस वैक्सीन का नाम ‘Sputnik V’ है. ये नाम भी खास है. Sputnik दुनिया की पहली सैटेलाइट का नाम था, जिसे सोवियत संघ ने 1957 में लॉन्च किया था. इस सैटेलाइट से जोड़कर दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन का नाम दिया गया है.

3- पुतिन ने बताया है कि कोरोना वैक्सीन के टीके के पहले इस्तेमाल के लिए उन्होंने अपनी एक बेटी को चुना. ये बात सुनकर सब हैरान रह गए. राष्ट्रपति पुतिन की दो बेटियां हैं. उनमें से एक को हल्का बुखार था. कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें इस वैक्सीन की पहली डोज दी गई. इस डोज से पुतिन की बेटी की हालत में तेजी से सुधार हुआ और सिर्फ एक दिन में ही बुखार कम हो गया.

4- रूस के गामालेया नेशनल सेंटर ने कोरोना की दवा Sputnik V को बनाया है. इस वैक्सीन के लिए एक अलग वायरस ‘एडेनोवायरस’ का इस्तेमाल किया गया है. इससे मिलती-जुलती वैक्सीन ही ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और चीन में भी डेवलप की गई है.

5- रूस के रक्षा मंत्रालय और गामालेया नेशनल सेंटर ने मिलकर Sputnik V को बनाया है. इसके क्लीनिकल ट्रायल में 100% तक सफल रहने का दावा किया है. क्लीनिकल ट्रायल 18 जून को शुरू किया गया था. इस ट्रायल में 38 वॉलंटियर्स शामिल हुए हैं. ट्रायल के दौरान इन वॉलंटियर्स में वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी विकसित हुई है. ट्रायल के बाद पहले ग्रुप को 15 जुलाई और दूसरे ग्रुप को 20 जुलाई को डिस्चार्ज कर दिया गया था.

6- हालांकि, इस वैक्सीन का अभी फाइनल ट्रायल होना बाकी है. ऐसे में इसके अप्रूवल को लेकर भी सवाल खड़े रहे हैं. वहीं, रूस की कंपनी सिस्टेमा ने इस साल के अंत तक वैक्सीन के बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन की बात कही है.

7- RDIF (Russian Direct Investment Fund) के चीफ किरिल दिमित्री ने कहा है कि रूस के पास पहले ही 20 से ज्यादा देशों से इस वैक्सीन की करीब 1 बिलियन डोज की डिमांड आ चुकी है. बताया जा रहा है कि वैक्सीन का बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन सितंबर महीने से शुरू हो जाएगा जो अक्टूबर में और ज्यादा बढ़ा दिया जाएगा.

8- हैरानी की बात ये है कि वैक्सीन पर फेज-3 का ट्रायल शुरू होने से पहले ही रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे मंजूरी दे दी है. बता दें कि फेज-3 के ट्रायल में बड़ी संख्या में लोगों पर ट्रायल किया जाता है. आमतौर पर, इस सफल ट्रायल के बाद ही वैक्सीन को पब्लिक यूज के लिए मंजूरी दी जाती है.

9- वहीं, वैक्सीन का एडवांस क्लीनिकल ट्रायल यानी फेज-3 का ट्रायल 12 अगस्त से शुरू होने जा रहा है. इस ट्रायल में यूएई, सऊदी अरब, फिलीपींस और ब्राजील भी शामिल हो रहे हैं. पहले और दूसरे फेज का ट्रायल 1 अगस्त को पूरा हो गया है. बताया ये भी जा रहा है कि इस बीच ये वैक्सीन बड़ी संख्या में वॉलंटियर्स को दी जाएगी. रूस प्रशासन ने ये भी कहा है कि मेडिकल स्टाफ, टीचर्स जैसे लोग जो ज्यादा रिस्क पर हैं उन्हें सबसे पहले ये वैक्सीन दी जाएगी.

10- विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल में होने की बात कही है. रूस के साथ WHO अप्रूवल पर चर्चा कर रहा है. WHO ने पहले कहा था कि अगर किसी वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल किए बगैर ही उसके उत्पादन के लिए लाइसेंस जारी कर दिया जाता है, तो ये बहुत खतरनाक कदम साबित हो सकता है.

रूस ने कोरोना की वैक्सीन बनाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है. अमेरिका समेत 100 देशों को पीछे छोड़ते हुए रूस ने ये दवा बनाई है. सितंबर से इसका उत्पादन करने और अक्टूबर से ये टीका लोगों को लगाने की तैयारी की जा रही है. रूस में सबसे पहले इस वैक्सीन को डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को दिया जाएगा. पूरी दुनिया को इसका फायदा इस साल के अंत में या अगले साल की शुरुआत में ही मिल पाएगा.

क्या भारत में आएगी वैक्सीन?

वैक्सीन से जुड़ी वेबसाइट में कहा गया है कि फेज-3 के क्लीनिकल ट्रायल भारत समेत दुनिया के बाकी मुल्कों में किए जाएंगे. ये भी कहा गया है कि भारतीय कंपनियों ने वैक्सीन का प्रोडक्शन करने में दिलचस्पी दिखाई है. हालांकि, भारत या भरतीय कंपनियों से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी अभी नहीं दी गई है. वहीं, इस मसले दिल्ली एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने आजतक से कहा है कि पहले हमें ये स्पष्ट करना होगा कि वैक्सीन सुरक्षित है. बता दें कि भारत में फिलहाल स्वदेशी कोरोना वैक्सीन के साथ ही ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन पर भी ट्रायल चल रहा है.

ताज़ा मौसम अपडेट
संबंधित खबरें
फरियादियों की समस्याओं का त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्राथमिकता : एसडीएम डा. संतराज बघेल
फरियादियों की समस्याओं का त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्राथमिकता : एसडीएम डा. संतराज बघेल

शासन की योजनाओं का शत् प्रतिशत क्रियान्वयन एवं जनसमस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्ता पूर्ण…

कुशीनगर : चेतावनी बेअसर तो पुलिस ने बजाया कानून का ‘सायरन’! 104 पर मुकदमा;कसया में सबसे ज्यादा 18 केस ,पढ़े पूरी खबर!!
कुशीनगर : चेतावनी बेअसर तो पुलिस ने बजाया कानून का ‘सायरन’! 104 पर मुकदमा;कसया में सबसे ज्यादा 18 केस ,पढ़े पूरी खबर!!

कुशीनगर। त्योहारों में तेज आवाज में डीजे बजाने वालों को कुशीनगर पुलिस ने जोरदार…

Advertisement
News Addaa Logo

© All Rights Reserved by News Addaa 2020

News Addaa Breaking