कुशीनगर।जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्टरेट सभागार में 28 मई को देर शाम तक सम्पन्न हुई।
उक्त बैठक में बरसात के मौसम को देखते हुए जनपद में जापानी इंसेफ्लाइटिस, मस्तिष्क ज्वर, ए ई/ जे ई एस के मामले, नवजात शिशुओं की ट्रैकिंग, कोविड टीकाकरण, इम्यूनाइजेशन, आशा,आंगनवाड़ी गृह भर्मण, डॉक्टर की अपने स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्धता, स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की ऑक्यूपेंसी दर, संस्थागत प्रसव, एन0 आर0 सी0 आदि विन्दुओं पर विस्तार से समीक्षा हुई।
जिलाधिकारी ने आशा कार्यकत्रियों के गृह भर्मण को आवश्यक बताया तथा उपस्थित एम ओ आई सी व आशा कार्यकत्रियों से गृह भर्मण को गंभीरता से लेने को कहा। एक बच्चे की हाटा में मृत्यु के प्रकरण को काफी गंभीरता से लेते हुए उन्होनें संबंधित आशा की बर्खास्तगी को निर्देशित किया। उन्होनें कहा कि इस संदर्भ में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। आशा को नियमित तौर पर गृह भर्मण कर बुखार से पीड़ित बच्चे की सूचना तत्काल संबंधित एम ओ आई सी को उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने इस संदर्भ में एम ओ आई सी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि आशा/आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से बुखार/ए ई एस/जे ई एस से पीड़ित बच्चों की सूची नियमित तौर पर बनाएं।
इस क्रम में डॉक्टर्स की स्वास्थ्य केंद्रों व उपकेंद्रों पर अनुपस्थित रहने की शिकायतों को भी संज्ञान में लेते हुए डी एम ने कहा कि बायोमेट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था हो, और डॉक्टर्स समय से स्वास्थ्य केन्द्रों पर बैठें।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑक्यूपेंसी रेट कितनी है, वहां रात में कितने मरीज रुक रहे हैं इसकी भी रिपोर्ट जिलाधिकारी ने ली। कोविड टीकाकरण की स्थिति को जाना।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अनुज मलिक, मुख्य चिकित्साधिकारी सुरेश पटारिया, सभी एम ओ आई सी, जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र राय, आशा कार्यकत्रियां, व अन्य संबंधित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित थे।
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