खड्डा/कुशीनगर। भारत व नेपाल स्थित बाल्मीकि गण्डक बराज से यूपी में किसानों के खेतों की सिंचाई के लिए निकली मुख्य पश्चिमी गण्डक नहर में 10 मई के बाद पानी छोड़ा जाएगा। गण्डक वराज के सहायक अभियन्ता विकास कुमार ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
बताते चलें कि बाल्मीकि गण्डक बराज से सिंचाई के लिए दो प्रमुख नहरें निकली हैं। यूपी में मुख्य पश्चिमी गण्डक नहर व बिहार की ओर पूर्वी तिरहुत नहर किसानों के फसलों की सिंचाई के लिए मुख्य स्रोत है। खड्डा क्षेत्र के मदनपुर सुकरौली, गैनहीं जंगल, सोनबरसा, सिसवां गोपाल, सोहरौना, बंजारीपट्टी, लखुआ, बहोरछपरा, विशुनपुरा, भेड़ी जंगल, कुनेलीपट्टी, वरवारतनपुर, नौकाटोला, देवतहां, बलुअहीं, बन्धूछपरा, कोहरगड्डी समेत दर्जनों गांवों के लोग सिंचाई के लिए नहर में पानी आने का इन्तजार करते हैं जिससे फसलों की सिंचाई हो सके। हालांकि मुख्य पश्चिमी गण्डक नहर का सील्ट सफाई व पक्के बने नहर के साइड जगह- जगह टूट कर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अब देखना यह है कि अगले एक महिने में यूपी प्रांत के सिंचाई विभाग द्वारा नहर के छतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत पूर्ण करा सिंचाई के लिए नहर को तैयार कर लिया जाता है या नहीं। इसको लेकर किसान चिन्तित हैं। इस सम्बंध में बाल्मीकि गण्डक के सहायक अभियंता विकास कुमार ने बताया कि गण्डक बराज के बिहार के हिस्से का 18 व नेपाल के हिस्से के 18 कुल 36 फाटको को मरम्मत कर दुरूस्त कर लिया गया है। पिछले वर्ष पानी के दबाव से फाटक संख्या 29, 31 व 33 छतिग्रस्त हो गए थे जिन्हें बदल दिया गया है। सभी फाटकों की मरम्मत व तकनीकी दृष्टिकोण से सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। डिविजन एक बेतियां के कार्यपालक अभियंता एवम् सिंचाई खण्ड गोरखपुर की डिमांड पर किसानों के लिए सिंचाई के लिए 10 मई के बाद नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।
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