News Addaa WhatsApp Group Join करें

यूपी में जंगलराज कहने पर दर्ज हुई थी FIR, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिया एक अहम फैसला!

न्यूज अड्डा डेस्क

Reported By:

Dec 25, 2020  |  9:39 AM

866 लोगों ने इस खबर को पढ़ा.
यूपी में जंगलराज कहने पर दर्ज हुई थी FIR, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिया एक अहम फैसला!

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने अपने एक अहम फैसले में कहा है कि राज्य में कानून और व्यवस्था (law and order) की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करना हमारा अधिकार है. कोर्ट ने कहा है कि यह हमारे संवैधानिक उदार लोकतंत्र की पहचान है और संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत संवैधानिक रूप से संरक्षित है. संविधान का यह अनुच्छेद हर व्यक्ति को अभिव्यक्ति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी देता है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ हाल ही में एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर (FIR) खारिज कर दी. जस्टिस पंकज नकवी और जस्टिस विवेक अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया है. याचिकाकर्ता यशवंत सिंह ने ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि ‘उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने राज्य को जंगलराज में बदल दिया है, राज्य में कानून-व्यवस्था नहीं है.’

आज की हॉट खबर- एक ओर एसपी की वाहवाही, दूसरी ओर दीवान की गालीबाजी…...

पुलिस की लगाई धाराएं हाईकोर्ट ने खारिज कीं

याची यशवंत सिंह की ओर से दाखिल एक रिट याचिका में कहा गया कि उन्होंने योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अपने ट्विटर हैंडल पर यह टिप्पणी की थी. इस टिप्पणी को लेकर पुलिस ने उन पर जो धाराएं लगाईं उन्हें हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी में ये धाराएं नहीं लगाई जा सकतीं.

ये था मामला

दरअसल पूरा मामला कानपुर देहात जिले का है. कानपुर देहात जिले के भोगनीपुर पुलिस स्टेशन में यह एफआईआर 2 अगस्त 2020 को दर्ज कराई गई थी. पुलिस ने यशवंत पर सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम के तहत धारा 500 (मानहानि) और 66-डी (कंप्यूटर संसाधन का उपयोग करके व्यक्ति द्वारा धोखाधड़ी करने का अपराध) के तहत केस दर्ज किया था.‌ याची के अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष एफआईआर को चुनौती दी, जिसमें कहा गया था कि राज्य के मामलों पर टिप्पणी करने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत परिकल्पित संवैधानिक अधिकार के अंतर्गत आता है.

हाईकोर्ट से की गई थी FIR रद्द करने की मांग

याचिका में याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की गई थी. कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और कार्रवाही रद्द करते हुए याची को बड़ी राहत दी है.

ताज़ा मौसम अपडेट
संबंधित खबरें
महंगाई का झटका! घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में ₹29 की बढ़ोतरी, आज से लागू हुईं नई दरें
महंगाई का झटका! घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में ₹29 की बढ़ोतरी, आज से लागू हुईं नई दरें

न्यूज़ डेस्क, newsaddaa (कुशीनगर): देश में आम उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और बड़ा…

पवन सिंह बनेंगे MLC! बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा ने जारी की 4 उम्मीदवारों की सूची
पवन सिंह बनेंगे MLC! बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा ने जारी की 4 उम्मीदवारों की सूची

न्यूज़ अड्डा: बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने…

“30 से 50 हजार का खेल!” – शराब तस्कर और चौकी इंचार्ज की कथित बातचीत का ऑडियो वायरल, खाकी पर उठे गंभीर सवाल
“30 से 50 हजार का खेल!” – शराब तस्कर और चौकी इंचार्ज की कथित बातचीत का ऑडियो वायरल, खाकी पर उठे गंभीर सवाल

कुशीनगर। खड्डा थाना क्षेत्र की शालिकपुर पुलिस चौकी एक बार फिर विवादों के केंद्र…

Advertisement
News Addaa Logo

© All Rights Reserved by News Addaa 2020

News Addaa Breaking