गोरखपुर। चलती पैसेंजर ट्रेन में महिला यात्री के गले से करीब डेढ़ लाख रुपये कीमत की सोने की चेन झपटकर फरार होने की कोशिश कर रहे दो शातिर चैन स्नेचरों को जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने जनसहयोग से दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूटी गई सोने की चेन और पूर्व में चोरी की घटना से संबंधित 2300 रुपये नगद भी बरामद हुए हैं। पूछताछ में दोनों ने एक माह पूर्व गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर हुई चोरी की वारदात भी कबूल कर ली, जिसके बाद उस मुकदमे में भी धाराएं बढ़ा दी गई हैं।
रेलवे पुलिस अधीक्षक गोरखपुर लक्ष्मी निवास मिश्र (आईपीएस) एवं पुलिस उपाधीक्षक रेलवे विनोद कुमार (पीपीएस) के निर्देशन में रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में लगातार बढ़ रही चोरी व लूट की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार सिंह के नेतृत्व में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम संदिग्धों पर नजर रख रही थी। पुलिस के अनुसार 17 जून की शाम करीब तीन बजे ट्रेन संख्या 55076 बढ़नी-नकहा जंगल पैसेंजर में पीपीगंज से सवार महिला यात्री पूर्णिमा सिंह नकहा जंगल स्टेशन जाने के लिए यात्रा कर रही थीं। ट्रेन जैसे ही मानीराम स्टेशन से आगे बढ़ी, बगल में बैठे दो युवकों ने उनके गले से सोने की चेन झपट ली और ट्रेन से उतरकर भागने लगे।
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद जीआरपी के उपनिरीक्षक अजीत प्रताप सिंह, आरक्षी कुलदीप यादव तथा आरपीएफ के अधिकारियों ने यात्रियों की मदद से दोनों बदमाशों का पीछा कर रेलवे स्टेशन मानीराम के पास धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप गौड़ (22 वर्ष) एवं विशाल सैनी (23 वर्ष) निवासी फरेन्दा, जनपद महराजगंज के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से महिला से छीनी गई करीब 1.50 लाख रुपये कीमत की सोने की चेन तथा पूर्व की चोरी से संबंधित 2300 रुपये नगद बरामद किए गए।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पैसेंजर ट्रेनों में सफर कर अकेली महिला यात्रियों को निशाना बनाते थे। मौका मिलते ही चेन झपटकर फरार हो जाते थे। आरोपियों ने करीब एक माह पहले गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर हुई चोरी की घटना को भी कबूल कर लिया, जिसके आधार पर पहले से दर्ज मुकदमे में नई धाराओं की बढ़ोत्तरी की गई है। बरामदगी के आधार पर जीआरपी गोरखपुर में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार गोरखपुर भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार सिंह, उपनिरीक्षक अजीत प्रताप सिंह, आरक्षी कुलदीप यादव, आरपीएफ के एएसआई बृजेश कुमार आर्या तथा एएसआई शिवशंकर की अहम भूमिका रही। रेलवे पुलिस का कहना है कि ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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