गोरखपुर। गोरखपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाकर चोरी, लूट और टप्पेबाजी की वारदातों को अंजाम देने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का जीआरपी ने पर्दाफाश कर दिया है। जीआरपी और सीआईबी लखनऊ की संयुक्त टीम ने तीन शातिर अपराधियों को उस समय धर दबोचा, जब वे स्टेशन परिसर में चोरी की वारदात को अंजाम देने और पहले से चोरी किए गए मोबाइल बेचने की फिराक में घूम रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से एक अवैध 315 बोर तमंचा, एक जिंदा कारतूस, चोरी और लूट के पांच महंगे एंड्रॉयड मोबाइल (कीमत लगभग 1.20 लाख रुपये), चोरी के मुकदमे से संबंधित चार्जर तथा 2700 रुपये नकद बरामद किए हैं।
रेलवे पुलिस अधीक्षक गोरखपुर अनुभाग लक्ष्मी निवास मिश्र (आईपीएस) और पुलिस उपाधीक्षक रेलवे विनोद कुमार (पीपीएस) के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक जीआरपी गोरखपुर अनुज कुमार सिंह के नेतृत्व में एंटी जहरखुरानी टीम और सीआईबी लखनऊ की संयुक्त टीम लगातार रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में सक्रिय अपराधियों की तलाश में जुटी थी। इसी क्रम में सोमवार को गोरखपुर जंक्शन के पश्चिमी सर्कुलेटिंग एरिया स्थित प्लेटफॉर्म नंबर-1 के 6ए गेट के भीतर से तीन संदिग्धों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार हुए शातिर
पकड़े गए आरोपियों में सिद्धार्थनगर जिले के मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के गौरडीह निवासी अकबर (25 वर्ष), गोरखपुर के तिवारीपुर थाना क्षेत्र के इलाहीबाग निवासी अहमद शाह (26 वर्ष) तथा गोरखनाथ थाना क्षेत्र के दरियाचक भट्ठा रसूलपुर निवासी मो. हुसैन (32 वर्ष) शामिल हैं।
जीआरपी की पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में सो रहे अथवा असावधान यात्रियों को निशाना बनाते थे। मौका मिलते ही मोबाइल, बैग और अन्य कीमती सामान चोरी कर लेते थे तथा चोरी का माल राह चलते लोगों को सस्ते दामों में बेचकर अपना खर्च चलाते थे। आरोपियों ने यह भी कबूला कि मो. हुसैन के पास बरामद अवैध तमंचे का इस्तेमाल यात्रियों को डराने-धमकाने और लूट की वारदातों में किया जाता था।
अपराध की लंबी फेहरिस्त
गिरफ्तार आरोपी अकबर के खिलाफ पहले से ही चोरी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, आबकारी अधिनियम और अन्य संगीन धाराओं में मऊ और सिद्धार्थनगर सहित विभिन्न जनपदों में कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं अन्य दोनों आरोपियों का भी आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सक्रिय था और कई घटनाओं में इनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है। मुकदमा दर्ज, भेजे गए जेल बरामदगी के आधार पर जीआरपी थाना गोरखपुर में मुकदमा अपराध संख्या 88/2026 के तहत धारा 317(2), 317(5) बीएनएस एवं 3/25 आर्म्स एक्ट में अभियोग पंजीकृत किया गया है। वहीं पहले से दर्ज चोरी के मुकदमे में भी बरामदगी के आधार पर धाराओं की बढ़ोतरी की गई है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
कहते हैं जीआरपी प्रभारी निरीक्षक अनुज सिंह..!
जीआरपी प्रभारी निरीक्षक गोरखपुर अनुज कुमार सिंह ने बताया कि जीआरपी की कार्रवाई से यात्रियों में बढ़ा भरोसा रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में लगातार बढ़ रही चोरी और लूट की घटनाओं के बीच जीआरपी की इस बड़ी कार्रवाई को महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रेलवे यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे अपराधियों के खिलाफ आगे भी विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
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