खड्डा/कुशीनगर। पिछले दो दिनों से मैदान सहित पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। तेज हवाओं के साथ दिन रात हो रही बारिश ने गन्ना की फसलों को जमींदोज कर दिया है। गण्डक नदी के एक बार फिर उफनाने से दियारा के गांवों में एक बार फिर बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। पहाड़ों पर अत्यधिक बारिश के कारण बाल्मीकि गण्डक वैराज से गण्डक नदी में डिस्चार्ज पौने चार लाख क्यूसेक छोड़ा गया है। रेता क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों के लोगों को एक बार बाढ़ की दुश्वारियां का चिन्ता सताने लगा है।
खड्डा इलाके में पिछले दो दिनों से तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश से गन्ना और धान की फसलों का ज्यादे नुकसान हुआ है। गन्ना की खड़ी फसल खेतों में जमींदोज हो गई है। वहीं मूसलाधार बारिश की मार से रेता क्षेत्र के लोगों को एक बार फिर गण्डक सुख चैन छीन लेने को आतुर दिख रही है। पनियहवा पुल के पास गण्डक की बेगवती धारा खतरे के निशान को छूने को आतुर दिख रही है।
फिलहाल रेता क्षेत्र में 4 लाख क्यूसेक के करीब पानी होने पर शाम तक रेता क्षेत्र के शिवपुर, बसंतपुर हरिहरपुर नरायनपुर मरचहवां बकुलादह बालगोविंद छपरा आदि गांवों में बाढ़ का पानी गांवों में घुसना शुरू हो सकता है। प्रशासन ने लोगों को एलर्ट रहने को कहा है।
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