दुदही । दुदही के नायब तहसीलदार कुंदन वर्मा के नेतृत्व में राजस्वकर्मियों की टीम ने तमकुहीराज तहसील क्षेत्र अंतर्गत सेवरही विकास खंड में नारायणी (गंडक) नदी व बांसी नदी के बीच पिपराघाट ग्राम पंचायत के किसानों की बाढ़ से बर्बाद फसल का सर्वेक्षण किया।
बताते चलें कि उक्त दोनों नदियों के बीच सैकड़ों किसानों की हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि है। कुछ दिनों पूर्व तक इन खेतों में खरीफ की फसलें लहलहा रही थीं। जिस पर किसान नाज कर रहे थे। लेकिन गत दिनों हुई अतिवृष्टि के चलते नदियों में आई बाढ़ ने फसलों को बर्बाद कर दिया। बाढ़ के पानी में डूबी फसलें सड़ कर बर्बाद हो गई उसी क्रम में किसानों की उम्मीद पर भी पानी फिर गया। बेबस किसान मुआवजे के लिए राजस्व प्रशासन की ओर देख रहे थे। इस क्रम में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर नायब तहसीलदार दुदही कुंदन वर्मा के नेतृत्व में प्रभारी कानूनगो एवं लेखपाल जयंत गुप्ता, प्रमोद यादव आदि राजस्वकर्मियों की टीम ने स्थलीय सत्यापन नाव से जाकर पिपराघाट मुस्तकिल के जयपुर, इमिलिया, रानीगंज, बेनिया और पिपराघाट एहतमाली का मोतीराय टोला, तीन टोलवा, तवक्कल टोला, शिव टोला और देवनारायण टोला में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई फसलों का आंकलन किया गया।
नायब तहसीलदार ने बताया कि 865 किसानों की सूची बनाकार जिला प्रशासन को भेज दी गई है। शासन द्वारा धन अवमुक्त होते ही मुआवजे की राशि वितरित कर दी जाएगी।
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