कप्तानगंज/कुशीनगर। तहसील क्षेत्र के यूपी एस एस सी सी एल लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मिल को चलाने के लिये सोमवार को नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से वेटरनस एशोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष, किसान मोर्चा व भारतीय किसान यूनियन (अ) के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों और सेना के रिटायर्ड जवानों का प्रतिनिधिमंडल मिला।
नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को वेटरनस एशोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान मोर्चा व भारतीय किसान यूनियन (अ) के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह ने “उत्तर प्रदेश स्टेट शुगर कार्पोरेशन लिमिटेड की लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मिल को पुन: संचालित कराने हेतु ज्ञापन के साथ सूबे के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ को सम्बोधित पत्रक दिनाँक 05 जुलाई 2022 को संलग्न कर सौपा जिस पर विस्तृत चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मिल को पुन: संचालित कराने हेतु अपना पूर्ण प्रयास करेंगें और यदि इस सरकार ने लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मिल को नही चलाया और अपने किए गए वादे को पूरा नही किया तो अपनी सरकार बनने पर हम लक्ष्मीगंज में नयी चीनी मिल लगवा देगें। ज्ञापन के माध्यम से जिलाध्यक्ष नेता प्रतिपक्ष को अवगत कराया है कि, बहन मायावती के कार्यकाल में जनपद कुशीनगर की लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मिल के साथ साथ अन्य बन्द चीनी मिलों को औने पौने दामों में बेचकर इस क्षेत्र के किसानों का कमर तोड़ने का कार्य किया साथ ही साथ सभी मजदूरों को बेरोजगार करके बेहाल कर दिया। लक्ष्मीगंज क्षेत्र में सबसे ज्यादा गन्ने के पैदावार होता है। लक्ष्मीगंज चीनी मिल बन्द हो जाने के वजह से इस क्षेत्र का किसान अपने गन्ने को लेकर अन्य चीनी मिलों पर भटकता रहता है और अपने गन्ने को औने पौने दामों पर बेचने के लिये मजबूर होता है। मजदूरों को रोजगार के लिये अन्य जगहों पर भटकना पड़ता है जिसके वजह से इनका परिवार चलाने में नाको चने चबाना पड़ता है और भुखमरी का शिकार हो रहे है। लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मिल को चलाने के लिए हमारे नेतृत्व में विगत पाँच वर्षों से किसानों द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। सूबे के मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के घोषणाओं के उपरान्त भी अभी तक लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मिल को चलाने की दिन और तारीख नही किया गया। यूनियन के जिलाध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष से आग्रह किया है कि, विधानसभा सत्र में लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मिल को चलाने की आवाज को बुलन्द करे ताकि इस क्षेत्र का किसान, मजदूर भूखमरी और बदहाली का शिकार न हो।
यहाँ यह भी प्रकाश में आ रहा है कि, मुख्यमन्त्री योगी जी अब उन नौकरशाहों की गिरफ्त में आ चुके है जो मुख्यमन्त्री के दबाव में मा० सर्वोच्च न्यायालय से अपील वापस लेनें के उपरान्त तथा मा० उच्च न्यायालय के 01 अप्रैल 2010 के आदेशानुसार और Uttar Pradesh Sugar Undertakings (Acquisition) (Amendment) Act, 2009 के असम्बैधानिक सेक्शन को Struck Down करने के उपरान्त भी उच्च न्यायालय के 01 अप्रैल 2010 के आदेश का अनुपालन क्यों नही करने दे रहे हैं और लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मिल को चलने से रोक रहे है। यहाँ तक कि लक्ष्मीगंज और अन्य बन्द चीनी मिल को चलाने हेतु सरकार द्वारा लिये जाने वाले नीतिगत फैसलों से सम्बन्धित प्रपत्रों और माँग-पत्रों को भी मुख्यमन्त्री योगी जी के समक्ष प्रस्तुत करने से रोक रहे है और मुख्य मन्त्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक को भी अपनी घोषणाओं को पूरा करने नही दे रहे है, जिसमें मुख्य रूप से एक ताकतवर वरिष्ठ आईएयस (अपर मुख्य सचिव) का भी नाम आ रहा है जो परोक्ष रूप से बन्द चीनी मिलों को खरीदने वाली फर्जी कंपनियों और उनके मालिकों को लाभ पहुंचा रहा है। अब देखना है कि, नेता प्रतिपक्ष इस पर क्या रुख अपनाते है। इस मौके पर जे०पी० यादव, बालकिशन यादव, यस०यन० यादव, सुरेन्द्र सिंह यादव, दूरबीन यादव, रोशन मोहम्मद, एम०ए० हालेमी, इरशाद भैया, गिरीश चंद यादव, ब्रजमोहन बंटी, राजेश यादव, सचिदानन्द सिंह, अंकित यादव, विवेक यादव, मोहन सिंह, रामलाल के साथ साथ अन्य किसान मौजूद रहे।
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