रामकोला/कुशीनगर । कुशीनगर के सीएमओ डा0 सुरेश पटारिया ने सोमवार को रामकोला सीएचसी में मातृत्व एनीमिया प्रबंधन केन्द्र का फीता काटकर उदघाटन किया तथा भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा लोगों के अंदर जागरूक फैलाने की बात कही।
सीएमओ डाक्टर पटारिया ने बताया कि एनीमिया (खून की कमी) की सही समय पर पहचान न हो, तो कई गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इससे बचाव के लिए हीमोग्लोबिन की जांच कराना बहुत जरूरी है।उन्होंने बताया कि गर्भावस्था में एनीमिया के कारण गर्भवती महिला की जान का जोखिम भी हो सकता है। इसलिए सही समय पर खून की जांच कराए और इलाज करवाए। गर्भवती महिलाओं को अपने हीमोग्लोबिन जांच के साथ खान-पान का विशेष ख्याल रखना चाहिए।उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान एनीमिया होने पर महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। किसी महिला में खून की कमी है, तो उसे आयरन की गोली दी जाती है। भोजन के साथ फल, हरी सब्जियां, दालें व पोषक तत्व युक्त आहार लेना चाहिए, ताकि वह स्वस्थ रहे।सीएमओ ने बताया कि हीमोग्लोबिन लेबल 7 से 10 ग्राम है, तो उसे मोडरेट एनीमिया कहते हैं। जिसे खान-पान और आयरन की गोली द्वारा ठीक किया जा सकता है। 7 ग्राम से नीचे उसे सीवियर एनीमिया माना जाता है, जिसकी जांच कर इलाज कराना आवश्यक है। यह जांच सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क की जाती है। ज्यादातर बच्चे और गर्भवती महिलाएं एनीमिया से ग्रसित होती है।सीएमओ ने कहा कि लोगों को इसके प्रति जागरूक होने की जरूरत है।एनीमिया के लक्षण जैसे ही दिखाई दे तत्काल सीएचसी की तरफ रूख करें।इलाज के लिए करेक्शन कार्नर खुल गया है।
इस दौरान सीएचसी प्रभारी डा0 शेष कुमार विश्वकर्मा, डा0 रजनीश श्रीवास्तव, डा0 ए0पी0गुप्ता, डा0 अर्पिता, फर्मासिस्ट आर0बी0 चौहान, टीएसयू अमित सिंह ,रितेश तिवारी, एस0पी0 चौधरी, दिनेश ठाकुर,बीपीएम आलोक मिश्रा,बीसीपीएम विनय कुमार सिंह,आनंद दूबे, निरंजन तिवारी, अमरेन्द्र तिवारी आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।
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