सुकरौली/कुशीनगर।समाज और देश के लिए चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकार, आज अपनी पद प्रतिष्ठा बचाने के साथ ही जान माल के बचाव के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।आये दिन पत्रकारों पर हो रहे हमले, उनका उत्पीड़न साथ ही दर्ज हो रहे झूठे मुकदमे भी पत्रकारों को हताश और अपनी सुरक्षा के प्रति संदेह पैदा कर रहे हैं।कुछ दिन पूर्व कई पत्रकार सुरक्षा संगठनों ने सरकार को पत्रकार सुरक्षा ,दर्ज फ़र्ज़ी मुकदमे वापस लेने सहित अन्य मुद्दों के लिए ज्ञापन सौंपा।
अब देखना है कि सरकार पत्रकार संगठन द्वारा उठाये गए मुद्दों की ओर कब विचार करती हैं।क्योंकि आमजनता के साथ ही देश तथा समाज में मजबूत स्तम्भ कहे जाने वाले पत्रकारों की सुरक्षा भी सरकार की जिम्मेदारी है।
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