कुशीनगर | बीते दिनों कुशीनगर के ग्राम पंचायत गड़हिंया चिंतामन का मामला तेजी से प्रकाश में आया। हाईकोर्ट के आदेश पर प्रधान के द्वारा कराए गए विकास कार्यों की जांच की गई । ये जांच भाजपा नेता अखिलेश्वर शाही के प्रयागराज हाईकोर्ट में दाखिल रिट के आदेश पर की गई थी । ये जांच जिस तरीके से की गई उसमे भी कई खेल खेले गए। मामला हाईलाइट होने पर जांच को पूर्ण किया गया । जांच में पूर्व प्रधान वेदांती देवी व ग्राम विकास अधिकारी ( सचिव) राजेश सिंह को सरकारी धनराशि के गमन के आरोप में संलिप्त पाया गया। इन दोनो लोगो के ऊपर सरकारी धनराशि गमन के आरोप में थाना तरया सुजान में आईपीसी की धारा 409 में एफआईआर दर्ज हुआ। लेकिन बात यही नहीं खत्म होती। याचिकाकर्ता शाही ने कहा की एफआईआर दर्ज होने के बावजूद प्रशासन इस मामले को दबाने का पूरा प्रयास कर रहा है। एफआईआर पंजीकृत होने के बावजूद अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई । अगर ऐसे ही जांच होती रही और कार्यवाही के नाम पर अंगूठा दिखता रहा तो ऐसे घुसखोर लोगो का मनोबल बढ़ता जाएगा। शाही ने कहा की जांच में भी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख था जो की जांच नहीं किया गया । कही न कही जांच में अनियमता बरती गई है। विभाग द्वारा कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच नहीं की गई है । शायद पंचायती राज विभाग को ये लगता था की अगर उल्लेख सारे बिंदुओं पर जांच होता है तो कही न कही बड़े अधिकारी भी लपेटे में आयेंगे। इसलिए कई महत्वपूर्ण जांच नहीं किया गया। शाही ने कहा की ऐसे लोगो को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजना चाहिए लेकिन प्रशासन इस मामले में कार्यवाही करने से क्यों हिचकिचा रहा है अपने आप में प्रश्न्न चिन्ह खड़ा करता है।
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