यूपी विधानसभा चुनाव की वोटिंग खत्म होने के एक दिन बाद ही पूर्व मंत्री और सपा सांसद आजम खां को राहत मिली है। लखनऊ में उनके खिलाफ दर्ज एक मामले में मंगलवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच से उन्हें जमानत मिल गई। हालांकि फिर भी वो अभी जेल में ही रहेंगे क्योंकि उनके खिलाफ दो मामलों में कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की एकल पीठ ने आजम खां को जमानत देने का का निर्देश दिया। आजम खां के खिलाफ आईपीसी की धारा 505 (2) में चार्जशीट दाखिल हुई है। कोर्ट ने समाजवादी पार्टी आजम खां को सरकारी जमीन हड़पने के एक मामले में जमानत दे दी है। जमानत मिलने के बाद भी वह अभी भी सीतापुर की जेल में बंद रहेंगे। बता दें कि आजम खां बीते दो सालों से सीतापुर की जेल में बंद हैं।
आपको बता दें कि आजम खान के खिलाफ कुल 87 आपराधिक केस दर्ज हैं, जिनमें से 84 एफआईआर उत्तर प्रदेश में 2017 में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद के दो वर्षों में दर्ज की गई थी। इन 84 मामलों में से 81 मामले 2019 के लोकसभा चुनाव के ठीक पहले और बाद की अवधि के दौरान दर्ज किए गए।
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