हाटा/कुशीनगर। नगरपालिका के दीनदयाल उपाध्याय नगर पटनी में श्रीराम कथा में धनुष भंग और सीता विवाह की कथा से श्रद्धालु अभिभूत हो गये।
अयोध्या से पधारे संत एवं श्रीराम कथा व्यास अवधेश महाराज ने कथा में जनकपुर में महाराज जनक द्वारा सीता जी के विवाह के लिए जो प्रतिज्ञा किया था उसी के निमित्त वह भगवान शिव का पिनाक यानी धनुष भी था। महाराज जनक ने जनकपुर में धनुष यज्ञ का आयोजन किया जहां दशरथनन्दन श्रीराम और सौमित्र लक्ष्मण भी महर्षि विश्वामित्र के साथ पधारे।जब धरती के बड़े बड़े योद्धा
हार गये तो गुरू की आज्ञा से प्रभु श्रीराम ने पलक झपकते ही धनुष तोड़ दिया। चारों दिशाओं में जय जय कार होने लगा। माता सुनैना और जनकराज सहित जनकपुर वासियों में हर्ष व्याप्त गया। चारों ओर खुशहाली छा गई और मंगल गीत होने लगे।
महाराज जनक ने गुरू विश्वामित्र की सलाह पर महाराज दशरथ को आमंत्रित करने के लिए दूतों को अयोध्या के लिए रवाना किया।इस दौरान आयोजक चंद्र प्रकाश मणि, सहित गांव के विश्वास मणि अशोक मणि, रविन्द्र मणि , चिंटू मणि,प्रदीप मणि, अखिलेश मणि, छोटे मणि,रत्नेश मणि, अमित कुमार मणि, पहाड़ी मणि,
आदि गांव के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
बाल्मीकि टाइगर रिजर्व के मदनपुर वन रेंज की घटना खड्डा, कुशीनगर। यूपी सीमा से…
ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलों का त्वरित संचालन एवं आईजीआरएस शिकायतों के प्राथमिकता से…
कुशीनगर। उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा पर स्थित समउर बाजार में आयोजित ऐतिहासिक ढोल मेले को…
कुशीनगर। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के एक वर्ष के कार्यकाल में अपराधियों पर कार्रवाई,…